गुरजित सिंह खालसा के समर्थन में किसानों का धरना, समाना में तनावपूर्ण हालात

गुरजित सिंह खालसा के समर्थन में किसानों का धरना, समाना में तनावपूर्ण हालात

पंजाब के समाना में गुरजित सिंह खालसा के समर्थन में किसानों द्वारा आयोजित बेमियादी धरने के दौरान पुलिस और किसानों के बीच टकराव हो गया। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-सियासी) के सदस्यों ने बड़ी संख्या में रैली निकालकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए थे। गुरजित सिंह खालसा अक्टूबर 2024 से समाना में 400 फुट ऊँचे बीएसएनएल टॉवर पर बैठे हुए हैं और बेतुकी बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक बेअदबी के मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं की जाती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। पुलिस ने किसानों को समाना में प्रवेश करने से रोकने के लिए नाकाबंदी कर दी थी। किसानों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो दोनों पक्षों में झड़प हुई। किसानों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कुछ किसानों और पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें भी आईं। पुलिस ने समाना में प्रदर्शन को रोकने के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी। पंजाब पुलिस ने संगरूर जिले समेत कई स्थानों से लगभग 90 किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इनमें बी.के.यू. सिद्धूपुर के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भाणा सिद्धू भी शामिल हैं। भाणा सिद्धू को उस समय रोका गया जब वे अपनी गाड़ी में धरने की जगह की ओर जा रहे थे। गुरजित सिंह खालसा पिछले एक साल से अधिक समय से टॉवर पर डटे हुए हैं। खराब मौसम और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बावजूद वे नीचे आने के लिए तैयार नहीं हैं। उनके समर्थकों ने 1 जनवरी से पैदल मार्च भी शुरू किया ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। किसानों का कहना है कि जब तक उनके मुद्दों और बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून नहीं बनता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।