परविंदर झोटा हत्याकांड: 5 मामलों के आरोपी अश्विनी कुमार का आर्म्स लाइसेंस आखिरकार हुआ रद्द, प्रशासन ने की कार्रवाई

परविंदर झोटा हत्याकांड: 5 मामलों के आरोपी अश्विनी कुमार का आर्म्स लाइसेंस आखिरकार हुआ रद्द, प्रशासन ने की कार्रवाई

चंडीगढ़। मानसा जिला प्रशासन ने आरोपी अश्विनी कुमार को पहले हाथों-हाथ जारी किए गए आर्म्स लाइसेंस पर गंभीर सवाल उठने और मीडिया में मामला प्रमुखता से आने के बाद आज आखिरकार उसे रद्द कर दिया है। उल्लेखनीय है कि आरोपी अश्विनी कुमार ने इसी लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह की हत्या के लिए किया था, जिसके बाद से यह मामला लगातार तूल पकड़ रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स में यह खुलासा किया गया था कि आरोपी अश्विनी कुमार के खिलाफ पहले से ही पांच पुलिस मामले दर्ज होने के बावजूद उसे नियम विरुद्ध तरीके से आर्म्स लाइसेंस जारी किया गया था। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद आज जिला पुलिस कप्तान ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या में इस लाइसेंसी हथियार के इस्तेमाल का हवाला देते हुए लाइसेंस रद्द करने की आधिकारिक सिफारिश जिला मजिस्ट्रेट को भेज दी थी। मानसा की अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर पूनम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला पुलिस की ओर से आरोपी अश्विनी कुमार का आर्म्स लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए देर शाम यह लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में इस लाइसेंसी हथियार के गैर-कानूनी गतिविधियों और गंभीर अपराध में उपयोग किए जाने का विशेष रूप से उल्लेख किया है। गौरतलब है कि तत्कालीन अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर मानसा द्वारा 21 अगस्त 2024 को अश्विनी कुमार को यह आर्म्स लाइसेंस जारी किया गया था। उस दौरान आरोपी के खिलाफ दर्ज पांच आपराधिक मामलों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया था, जिनमें से तीन मामले जिला मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 144 के तहत जारी आदेशों की उल्लंघना से संबंधित थे। इस लाइसेंस पर आरोपी ने एक 7.62 एमएम पिस्टल और एक 12 बोर की बंदूक दर्ज कराई थी, जिसकी वैधता 2029 तक थी। अब हत्या के मामले में नाम आने और प्रशासन की सख्ती के बाद इस विवादित लाइसेंस को आधिकारिक तौर पर समाप्त कर दिया गया है।