नई दिल्ली: 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके नजरबंद, पुलिस ने दी चेतावनी

नई दिल्ली: 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके नजरबंद, पुलिस ने दी चेतावनी

राजधानी नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित होने वाले ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम से ठीक पहले दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। पुलिस कर्मियों ने दीपके के आवास पर पहुंचकर उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया, जबकि पार्टी ने अपने समर्थकों को राष्ट्रीय ध्वज के साथ सेंट्रल पार्क में जुटने का आह्वान किया था। दिल्ली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अभिजीत दीपके को कानूनी नोटिस और दस्तावेज सौंपे तथा उनसे लिखित रूप में कार्यक्रम रद्द करने का अनुरोध किया। इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए दीपके ने पुलिस कर्मियों से सवाल किया, “क्या यह सब मुझे हमारा राष्ट्रीय ध्वज उठाने से रोकने के लिए किया जा रहा है? क्या अपने ही देश का झंडा फहराना कोई अपराध है?” उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस द्वारा दिए गए नोटिस में उल्लेख किया गया है कि वे जंतर-मंतर जाने की योजना बना रहे हैं। "क्या हम अपने ही मुल्क में तिरंगा नहीं फहरा सकते?" दीपके ने आरोप लगाया कि 7 से 8 दिल्ली पुलिस के जवान उनके घर पहुंचे और उन्हें ताकीद की कि वे तिरंगा उठाकर "अवैध गतिविधियां" कर रहे हैं और "लोगों को भड़का रहे हैं"। उन्होंने रोष जताते हुए कहा, “क्या हमें हमारे ही देश में तिरंगा उठाने से रोका जा रहा है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का यह हाल कर दिया है कि हम अपने ही मुल्क में झंडा भी नहीं लहरा सकते।” शुरुआती दौर में उन्होंने पुलिस दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में पुलिस के अनुरोध पर अपनी टिप्पणी लिखकर उन्होंने कागजातों पर हस्ताक्षर किए। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की है मुख्य मांग पुलिस की यह कार्रवाई दीपके के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने अपने इस अभियान को ‘सत्ता बदलने’ (regime change) के नैरेटिव से अलग किया था। बीते दिन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे सरकार बदलने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा था, “हम गांधीवादी तरीके से अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं और हमारी मांग सिर्फ इतनी है कि चुनाव में कथित धांधली के लिए जिम्मेदार चुनाव आयुक्त को हटाकर निष्पक्ष आयुक्त तैनात किए जाएं।” इसके साथ ही दीपके ने पुलिस अधिकारियों को यह सलाह भी दी कि वे दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान दें, जहां वे सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित इस कार्यक्रम के मद्देनजर नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन की ओर से कई पाबंदियां आयद की गई हैं। सीजेपी द्वारा चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने और सीईसी को हटाने की मांग को लेकर किए जा रहे इस प्रदर्शन के चलते प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।