NEET विवाद के बीच CJP ने उठाया छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा, हर प्रभावित परिवार को 1 करोड़ देने की मांग
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
20 जून को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन की तैयारियों के बीच Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की है, जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा विवादों के बीच आत्महत्या की है। शुक्रवार को भेजे गए इस पत्र में दिपके ने कहा कि परीक्षाओं और संभावित पुनर्परीक्षाओं को लेकर बनी अनिश्चितता छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। उन्होंने इसे देश के युवाओं के सामने उभरते मानसिक स्वास्थ्य संकट का संकेत बताया। यह मांग ऐसे समय में सामने आई है जब CJP राष्ट्रीय राजधानी में 20 जून को अपना दूसरा प्रस्तावित प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी कर रही है। संगठन का कहना है कि वह परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था के सरकारी प्रबंधन के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करेगा। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में अभिजीत दिपके ने कहा कि वह भारी मन से देश के भविष्य से जुड़े एक गंभीर संकट की ओर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, जिसका संबंध युवाओं के जीवन और उनकी मानसिक सेहत से है। दिपके ने दावा किया कि हाल के सप्ताहों में 11 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें पिछले 48 घंटों के दौरान हुई पांच मौतें भी शामिल हैं। उनका आरोप है कि संभावित पुनर्परीक्षाओं को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण छात्रों में तनाव और चिंता का स्तर काफी बढ़ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अनेक अभिभावकों ने अपने बच्चों की शिक्षा के लिए भारी शिक्षा ऋण लिया था और अब बच्चों को खोने के बाद वे आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए दिपके ने प्रत्येक प्रभावित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। मुआवजे की मांग के साथ-साथ CJP के संस्थापक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाने की मांग भी दोहराई है।
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