पंजाब के जी.एस.टी. संग्रह में 11.84% की बढ़ोतरी, प्रमुख राज्यों में एस.जी.एस.टी. नकद राजस्व में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज: हरपाल सिंह चीमा

पंजाब के जी.एस.टी. संग्रह में 11.84% की बढ़ोतरी, प्रमुख राज्यों में एस.जी.एस.टी. नकद राजस्व में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज: हरपाल सिंह चीमा

पंजाब 18.77% एस.जी.एस.टी. नकद बढ़ोतरी के साथ प्रमुख राज्यों में अग्रणी, राजस्व वसूली में दिन-दुगुनी और रात-चौगुनी प्रगति : हरपाल सिंह चीमा अप्रैल-अगस्त के दौरान पंजाब का कुल जी.एस.टी. राजस्व 17% बढ़कर 12,861 करोड़ रुपये हुआ, ईमानदार करदाताओं और प्रवर्तन को श्रेय : हरपाल सिंह चीमा हर फर्जी नेटवर्क का पता लगाया जाएगा, जी.एस.टी. धोखेबाज रहें सावधान': हरपाल सिंह चीमा कारोबार को सुगम बनाने और कानून को सख्ती से लागू करने के बीच शानदार संतुलन बनाते हुए, पंजाब ने इस अगस्त माह में मजबूत आर्थिक स्वास्थ्य की तस्वीर पेश की। राज्य ने न केवल शुद्ध जी.एस.टी. राजस्व में साल-दर-साल 11.84% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की, बल्कि स्टेट जी.एस.टी. नकद वसूली में 18.77% की शानदार बढ़ोतरी के साथ भारत के प्रमुख राज्यों का नेतृत्व भी किया। आज यहां जारी प्रेस बयान में इन उपलब्धियों को साझा करते हुए, पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "राज्य की वित्तीय वसूली में लगातार बड़ी वृद्धि हो रही है। राज्य ने अगस्त 2026 में 2,406.33 करोड़ रुपये का शुद्ध जी.एस.टी. राजस्व दर्ज किया है, जो अगस्त 2025 में एकत्र किए गए 2,151.63 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। 254.70 करोड़ रुपये की यह वृद्धि 11.84% की ठोस वृद्धि दर को दर्शाती है।" एस.जी.एस.टी. नकद वसूली के योगदान को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, "एस.जी.एस.टी. की नकद वसूली 750.37 करोड़ रुपये से बढ़कर 891.24 करोड़ रुपये हो गई है। 140.87 करोड़ रुपये का यह उछाल 18.77% की वृद्धि दर को दर्शाती है, जो इस महीने के लिए देश के किसी भी प्रमुख राज्य द्वारा दर्ज की गई सर्वोच्च एस.जी.एस.टी. नकद बढ़ोतरी है।" अप्रैल से अगस्त 2026 की अवधि के बारे में बात करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "पंजाब का कुल जी.एस.टी. राजस्व 12,861.42 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि 2025 की इसी अवधि के दौरान यह 10,971.62 करोड़ रुपये था। यह 1,889.80 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी को दर्शाता है, जो 17% की स्थिर विकास दर है। साझा वसूली में 15.74% की वृद्धि हुई है, जो अगस्त 2025 के 619.18 करोड़ रुपये से बढ़कर अगस्त 2026 में 716.66 करोड़ रुपये हो गई है।" ईमानदार करदाताओं की भूमिका पर जोर देते हुए और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ चेतावनी देते हुए, उन्होंने कहा, "कर चोरी को शुरू में ही रोकने के लिए, विभाग द्वारा अपनी प्रवर्तन कार्रवाइयों में काफी तेजी लाई गयी है।" प्रवर्तन कार्रवाइयों का विवरण देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, "20 अगस्त, 2026 को, जी.एस.टी. चोरी के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मंडी गोबिंदगढ़ में तीन मामले दर्ज किए गए। सामने आए अपराधियों में मोतिया खान, गोबिंदगढ़ स्थित मेसर्स एन.के. ट्रेडर्ज़ के मालिक नरेंद्र सिंह (एफ आई आर नंबर 277); गोबिंदगढ़ स्थित मेसर्स के.एच. ट्रेडर्ज़ के मालिक और मूल रूप से पत्तरेवाला (फाजिल्का) के निवासी किंगराज (एफ आई आर नंबर 278); और पिंजौर (पंचकूला) के रहने वाले और गोबिंदगढ़ स्थित मेसर्स हनीश एंटरप्राइजिज़ के मालिक हनीश (एफ आई आर नंबर 279) शामिल हैं।" स्टेट जी.एस.टी. मोबाइल विंग के एक अलग ऑपरेशन का वर्णन करते हुए, मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया, "एक अलग और महत्वपूर्ण ऑपरेशन में, स्टेट जी.एस.टी. मोबाइल विंग ने मेसर्स ए-वन इंटरनेशनल के रूप में पहचानी गई एक फर्म से जुड़े संदिग्ध जाली-रिफंड नेटवर्क का सुराग लगाकर उसका भंडाफोड़ किया। आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ते हुए, इस निर्णायक कार्रवाई से 1 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई और बैंक खाते में लगभग 18 लाख रुपये की राशि फ्रीज की गई। इसके अलावा, सत्यापन होने तक 5 करोड़ रुपये की बड़ी रिफंड अर्जियों को रोक दिया गया है।" उन्होंने आगे कहा, "यह जांच फर्जी खरीददारी, इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाने, और सरकारी खजाने से रिफंड हड़पने आदि प्रयासों से संबंधित है। इस रैकेट की तह तक जाने, सभी संबंधित संस्थाओं की पहचान करने और बकाया राशि की एक-एक पाई वसूलने के लिए आगे की जांच जारी है।" राज्य की दोहरी पहुंच का सारांश देते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अपने इरादे को पूरी तरह से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "पंजाब का मजबूत राजस्व प्रदर्शन ईमानदार करदाताओं के बढ़ते विश्वास, निरंतर आर्थिक गतिविधि और प्रौद्योगिकी-संचालित कर प्रशासन को दर्शाता है। इसके साथ ही, जाली बिलिंग, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट, या धोखाधड़ी रिफंड चेन का उपयोग करने वालों के लिए हमारा संदेश स्पष्ट है कि ऐसे हर नेटवर्क का पता लगाया जाएगा, सार्वजनिक राजस्व की रक्षा की जाएगी और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अतिरिक्त राजस्व सार्वजनिक सेवाओं और विकास कार्यों के लिए राज्य की क्षमता को मजबूत करेगा।" इस सफलता का उचित श्रेय देते हुए, वित्त मंत्री ने नियमों का पालन करने वाले करदाताओं और आबकारी एवं कर विभाग के समर्पित अधिकारियों की शानदार वसूली के लिए सराहना की। उन्होंने राज्य के लोगों को विश्वास दिलाया कि पंजाब सरकार अपनी कहनी और करनी को पूरा करते हुए, करदाताओं की सुविधा के साथ-साथ डेटा-आधारित जांच, मैदान में सख्त प्रवर्तन, और संगठित कर धोखाधड़ी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई जारी रखेगी।