न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाज़त नहीं” – CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका से संबंधित सामग्री पर गंभीर आपत्ति जताई है। इस मामले में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी को भी न्यायपालिका की संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अदालत ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि इस संबंध में उचित और कानूनी कदम उठाए जाएंगे। CJI ने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा और विश्वसनीयता को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ से जुड़ा एक हिस्सा शामिल किया गया है, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत के समक्ष उठाया। उनका कहना था कि स्कूली बच्चों को इस प्रकार की सामग्री पढ़ाना चिंताजनक है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा कि उन्हें इस विषय पर कई फोन कॉल और संदेश प्राप्त हुए हैं और वे इस मामले से पूरी तरह अवगत हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी न्यायिक संस्था के लिए चिंता का विषय है और प्रथम दृष्टया यह एक सोचा-समझा कदम प्रतीत होता है। CJI ने कड़े शब्दों में कहा, “मुझे इस मामले की पूरी जानकारी है। यह पूरी न्यायिक संस्था के लिए चिंता का विषय है। यह एक सुनियोजित कदम लगता है। मैं किसी को भी, चाहे वह कितने भी ऊंचे पद पर क्यों न हो, इस संस्था को बदनाम नहीं करने दूंगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस मामले का स्वयं संज्ञान ले रहे हैं।
Leave a Reply