पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले अकाली दल ने कनाडा में शुरू किया जनसंपर्क अभियान
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए शिरोमणि अकाली दल ने विदेशों में बसे पंजाबियों से संपर्क अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल इन दिनों कनाडा के दौरे पर है। प्रतिनिधिमंडल में अकाली नेता बरजिंदर सिंह मक्कन बराड़, जसप्रीत माहला, परमजीत सिंह ढिल्लों, सतविंदर पाल सिंह ढट्ट, गुरप्रीत सिंह, हरजाप सिंह संघा, एडवोकेट राजकमल सिंह और गुरप्रीत सिंह झब्बर शामिल हैं। ब्रिटिश कोलंबिया के सरे और लैंगली के अलावा अल्बर्टा के एडमंटन और कैलगरी में बैठकें करने के बाद प्रतिनिधिमंडल विनिपेग पहुंचा, जहां लगभग 500 अकाली समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित बैठक में नेताओं ने कनाडा के विकास में पंजाबी समुदाय के योगदान की सराहना की और पंजाब के साथ उनके सांस्कृतिक एवं भावनात्मक संबंधों का उल्लेख किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेताओं ने दावा किया कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की किसी अन्य राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने की कोई योजना नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि पंजाब में अकाली विचारधारा से जुड़े विभिन्न समूहों को एकजुट करने के प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं की भूमिका से जुड़े सवाल पर नेताओं ने कहा कि पार्टी में महिलाओं को विभिन्न जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव के टिकट योग्यता और पार्टी के निर्धारित मानदंडों के आधार पर ही दिए जाएंगे। अकाली नेताओं ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार एनआरआई समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक ध्यान नहीं दे रही है। उनका कहना था कि प्रवासी पंजाबियों को संपत्ति विवादों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और अन्य सरकारी मामलों में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नेताओं ने दावा किया कि पार्टी एनआरआई समुदाय से सुझाव लेकर अपना चुनावी घोषणा पत्र तैयार करेगी और सत्ता में आने पर इन मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। बरजिंदर सिंह मक्कन बराड़ ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कई प्रवासी पंजाबियों ने आम आदमी पार्टी का समर्थन किया था, लेकिन सरकार उनकी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल में एनआरआई मामलों के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सदस्य गुरप्रीत सिंह झब्बर ने एसजीपीसी के बजट और कार्यों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समिति धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण सेवाएं निभा रही है। इस अवसर पर लखवीर संघा, रवि प्रीत चाहल, गुरप्रीत सिंह औलख, जस ढिल्लों, सुखचैन तूर, मेजा जैलदार और कमलजीत सिंह सहित अन्य नेता भी उपस्थित रहे।
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