अमेरिका से बढ़ रहा पलायन: लाखों लोग क्यों छोड़ रहे हैं देश?
- अंतरराष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
अमेरिका में हाल के समय में जनसंख्या के रुझानों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक देश छोड़कर अन्य देशों में बसने का विकल्प चुन रहे हैं। बताया जा रहा है कि 1935 की महामंदी के बाद यह पहली बार है जब इस तरह का ट्रेंड सामने आया है। ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन के अनुमान के मुताबिक पिछले वर्ष करीब डेढ़ लाख लोगों ने संयुक्त राज्य अमेरिका को छोड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संख्या 2026 में और बढ़ सकती है। कई विश्लेषक इस बदलाव को डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने से जोड़कर देख रहे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, विदेशों से अमेरिका में बसने वाले लोगों की संख्या 2025 में घटकर लगभग 26 से 27 लाख रह गई, जबकि 2023 में यह करीब 60 लाख थी। 15 देशों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि कम से कम 1 लाख 80 हजार अमेरिकी नागरिक इन देशों में जाकर बस गए हैं, और पूरी जानकारी सामने आने पर यह संख्या और बढ़ सकती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महामारी के बाद पुर्तगाल में अमेरिकी निवासियों की संख्या 500 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है। वर्ष 2024 में इसमें 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं 2025 में 10 हजार से अधिक अमेरिकी आयरलैंड पहुंचे, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुना है। इसी तरह, जर्मनी के संदर्भ में भी यह सामने आया कि वहां जाने वाले अमेरिकियों की संख्या, अमेरिका आने वाले जर्मनों से अधिक रही। रिलोकेशन कंपनियों ने भी अमेरिका छोड़ने वाले लोगों की बढ़ती संख्या की पुष्टि की है। एक्सपैटसी की संस्थापक जेन बारनेट के अनुसार, पहले विदेश जाने वाले अमेरिकी अधिक पेशेवर और साहसी होते थे, लेकिन अब सामान्य लोग भी देश छोड़ने लगे हैं। उनका कहना है कि भले ही अमेरिका में वेतन अधिक हो, लेकिन यूरोप में जीवन की गुणवत्ता बेहतर मानी जा रही है। विशेषज्ञ इस ट्रेंड को “डोनाल्ड डैश” नाम दे रहे हैं, जो डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान बढ़ते पलायन को दर्शाता है। हालांकि, यह भी सच है कि दूरस्थ कार्य, बढ़ती जीवन-यापन लागत और बेहतर जीवनशैली की तलाश जैसे कारण पहले भी लोगों को विदेश जाने के लिए प्रेरित करते रहे हैं। व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी अन्य विकसित देशों से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। साथ ही सरकार अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष लगभग 6 लाख 75 हजार लोगों को देश निकाला दिया गया और 22 लाख लोगों ने स्वेच्छा से देश छोड़ा। अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है। शिक्षा से जुड़े आंकड़ों के अनुसार अमेरिका आने वाले विदेशी छात्रों में 17 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, अमेरिकी छात्रों का रुझान यूरोपीय विश्वविद्यालयों की ओर बढ़ रहा है। मार्च 2025 तक करीब 6,600 अमेरिकियों ने ब्रिटिश नागरिकता के लिए आवेदन किया, जबकि आयरलैंड में पासपोर्ट आवेदनों की संख्या 2024 के 31,825 से बढ़कर 2025 में 40,000 से अधिक हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी नागरिकता छोड़ने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। कई लोग विदेशी पासपोर्ट लेने या विदेश में आय पर कर से बचने के लिए नागरिकता त्याग रहे हैं। 2024 में इस तरह के आवेदनों में 48 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और 2025 में इसके और बढ़ने की संभावना है। इतिहास में ऐसा रुझान आखिरी बार 1935 में देखा गया था, जब महामंदी के दौरान बड़ी संख्या में अमेरिकी रोजगार की तलाश में सोवियत संघ की ओर गए थे। उस समय अमेरिका में आने वालों की तुलना में जाने वालों की संख्या अधिक थी, जो आज फिर दोहराती हुई नजर आ रही है।
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