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अंकिता भंडारी हत्याकांड: इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे माता-पिता और कांग्रेस नेता हिरासत के बाद रिहा

15 Oct, 2026 09:57 AM

वर्ष 2022 में उत्तराखंड में बहुचर्चित हत्याकांड का शिकार बनी 19 वर्षीय अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट के पास प्रदर्शन करने के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद गुरुवार तड़के रिहा कर दिया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बुधवार को प्रदर्शन के दौरान इस दंपती को हिरासत में लिया था और गुरुवार सुबह लगभग 5 बजे इन्हें रिहा किया गया। सूत्रों ने आगे बताया कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने के मध्यनजर सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई थी। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पार्टी के कई प्रमुख नेताओं को भी हिरासत में लिया गया था, जिनमें मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा, सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत और भारतीय यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब शामिल थे। इन सभी नेताओं को भी बाद में रिहा कर दिया गया। क्या है पूरा मामला? अंकिता भंडारी के माता-पिता और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह मांग उठाते हुए प्रदर्शन किया था कि जब तक इस मामले में चल रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। उल्लेखनीय है कि दुष्यंत गौतम को सोमवार को इस पद पर नियुक्त किया गया था। परिवार और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस अपराध से जुड़े एक कथित अनाम वीआईपी (VIP) के मामले में दुष्यंत गौतम का नाम बार-बार उठाया जाता रहा है। हालांकि, इन आरोपों का खंडन किया जा चुका है और आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई भी शुरू की गई है। अंकिता भंडारी हत्याकांड की पृष्ठभूमि गौरतलब है कि अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वनंतरा रिजॉर्ट में एक रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी, जहां 18 सितंबर 2022 को उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना के चार दिन बाद उसकी लावारिस और मृत देह चीला नहर से बरामद की गई थी। इस सनसनीखेज मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य (जो कि भाजपा के पूर्व नेता विनोद आर्य का बेटा है) और उसके दो साथियों को दोषी करार दिया जा चुका है, जिन्हें अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस मामले में कथित 'वीआईपी एंगल' को लेकर लगातार निष्पक्ष और गहन जांच की मांग उठाई जा रही है। सीबीआई जांच के अभी भी जारी रहने के बीच अंकिता का परिवार और तमाम कार्यकर्ता इस मामले से जुड़े हर एक बिंदु पर पूर्ण स्पष्टता और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।

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