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पीएम मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन समित से की वीडियो कॉल, 174 यात्रियों की जान बचाने पर की बहादुरु की सराहना

02 Oct, 2026 04:43 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट कैप्टन समित के साथ वीडियो कॉल पर बातचीत की और उनकी अदम्य बहादुरु तथा सूझबूझ की खुलकर सराहना की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश उनकी सेहत के लिए प्रार्थना कर रहा है और उनके जल्द ठीक होने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा रहा है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत के लोग दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा करने वाले होते हैं। यह पूरी घटना बुधवार को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव (इजराइल) जा रही एक उड़ान के दौरान घटी, जिसमें ज्यादातर इजराइली नागरिक समेत कुल 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान सह-पायलट (को-पायलट) ने कथित तौर पर भारतीय कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया और विमान को क्रैश करने की कोशिश की। इस खतरनाक हमले के बाद विमान तेजी से नीचे की ओर गोता खाने लगा। इसके बावजूद, गंभीर रूप से घायल कैप्टन समित ने अपने 17 साल के उड़ान अनुभव और सूझबूझ का परिचय देते हुए आखिरी मौके पर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे समय रहते अन्य यात्री और क्रू मेंबर अंदर पहुंच गए और हमलावर को काबू में कर लिया गया। कैप्टन समित ने प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में साझा किया कि जब वे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे, उस मुश्किल घड़ी में वे लगातार हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा और अपने लंबे अनुभव के कारण ही वे आंखें बंद होने के बावजूद विमान की स्थिति भांप सके और दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस आपात स्थिति के दौरान विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित रूप से उतार लिया गया। सऊदी अरब में विमान की एमरजेंसी लैंडिंग के बाद हमलावर को स्थानीय अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमलावर ओमान का नागरिक बताया जा रहा है, हालांकि हमले के सटीक कारणों का अभी आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हुआ है और विभिन्न देशों के अधिकारी इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस घटना को लेकर कुछ दावे किए हैं। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद सभी यात्रियों को एक अन्य वैकल्पिक उड़ान के जरिए इजराइल भेज दिया गया। इस भयावह हमले और संघर्ष के दौरान कुछ यात्रियों को मामूली चोटें जरूर आईं, लेकिन भारतीय पायलट की असाधारण बहादुरु और तत्परता ने 174 लोगों की जिंदगी बचा ली।

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