'आप' विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के ठिकानों पर ED की छापेमारी: बेनामी संपत्तियों और 1.01 करोड़ के फर्जी मुआवजे का दावा
मोगा से आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और उनके करीबियों से जुड़े ठिकानों पर हाल ही में की गई छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अरोड़ा परिवार की बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज और सबूत मिलने का बड़ा दावा किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 4 नवंबर को विधायक और उनके सहयोगियों से जुड़े 7 विभिन्न ठिकानों पर गहन तलाशी ली गई, जिसमें एक अस्पताल-कम-नशामुक्ति केंद्र भी शामिल है। इस कार्रवाई के दौरान संदिग्ध दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक खातों के विवरण और बेनामी संपत्तियों के कागजात जब्त किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि 48 घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान एजेंसी के हाथ कुछ भी नहीं लगा। ED की जांच के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-754 A) के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का 1.01 करोड़ रुपये (कुल 1,00,65,724 रुपये) का सरकारी मुआवजा राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी करके अवैध रूप से हासिल किया गया। मोहाली स्थित फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में दाखिल नामांतरण (इंतकाल) पर फर्जी हस्ताक्षरों की पुष्टि हुई है। एजेंसी के अनुसार, यह पूरी राशि दिलखुश कुमारी नामक महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी, जिसे अब फ्रीज कर दिया गया है। जांच में विधायक और उनके पति डॉ. राकेश अरोड़ा पर इस मुआवजा राशि को अन्य खातों में डायवर्ट करने में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। मामला थाना धर्मकोट में 16 जून 2024 को दर्ज प्राथमिकी संख्या 84 के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत शुरू की गई जांच से जुड़ा है। एजेंसी ने आगे खुलासा किया कि मोगा क्षेत्र में केंद्र व पंजाब सरकार, मार्केट कमेटी, नगर निगम और 'यूनाइटेड चर्च ऑफ नॉर्दर्न इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन' की बहुमूल्य जमीनों को धोखाधड़ी से हासिल कर आगे स्थानांतरित किया गया। साथ ही, आवासीय संपत्तियों की खरीद में बड़ी मात्रा में बेहिसाब नकदी के इस्तेमाल की बात कही गई है। जांच में मुख्य आरोपी पटवारी नवदीप सिंह को बताया गया है, जबकि विधायक के पति डॉ. राकेश अरोड़ा को भी पक्षकार बनाया गया है। जांच के दायरे में ज़ीरा रोड स्थित केंद्र सरकार की 13 मरला, सिविल लाइंस स्थित पंजाब सरकार की 7 मरला, रेलवे रोड स्थित मार्केट कमेटी की 6 मरला, नगर निगम की 3 कनाल 16 मरला और ट्रस्ट की 52 मरला 8 सरसाही जमीन का ट्रांसफर शामिल है। ED को अंदेशा है कि राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर ये संपत्तियां विधायक के रिश्तेदारों के नाम हस्तांतरित की गईं। दूसरी ओर, इस पूरी कार्रवाई पर पंजाब में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि 48 घंटों तक महिला विधायक, उनके परिवार और बच्चों सहित 7 रिश्तेदारों को घर में बंधक बनाकर रखा गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ भी बरामद न होने के बावजूद उन पर करीब 50 बार भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने और मंत्री पद लेने का दबाव बनाया गया। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधायक डॉ. अमनदीप अरोड़ा के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विपक्ष को डराने और बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है। कैबिनेट मंत्रियों डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह ईटीओ और हरदीप सिंह मुंडियां ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। वहीं, विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि कोई भी लालच उन्हें अपनी पार्टी छोड़ने पर मजबूर नहीं कर सकता।