बासमती निर्यात में बड़ा फर्जीवाड़ा: ऑस्ट्रेलिया में फजीहत के बाद केंद्र सरकार ने पंजाब की फ्यूमिगेशन कंपनी की मान्यता की रद्द
विदेशों को निर्यात किए जाने वाले बासमती चावल के फ्यूमिगेशन (रासायनिक गैस द्वारा कीट-मुक्त करने की प्रक्रिया) में हुई बड़ी धांधली का केंद्र सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने पंजाब के कपूरथला जिले के सुभानपुर स्थित 'मेसर्स जी डी फ्यूमिगेशन' की मान्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है। कंपनी की इस लापरवाही और धोखाधड़ी के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया में, भारत को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। AI से बनी नकली तस्वीरों के जरिए रचा झूठा बहाना नेशनल स्टैंडर्ड फॉर फाइटोसैनिटरी (NSPM-12) ऑडिट प्रोटोकॉल के तहत भारत और ऑस्ट्रेलिया की एक संयुक्त जांच टीम ने 26 जून 2026 को इस फ्यूमिगेशन एजेंसी की जांच की थी। जांच के दौरान जब अधिकारियों ने आवश्यक रिकॉर्ड और दस्तावेज मांगे, तो कंपनी ने बहाना बनाया कि कार्यालय में आग लगने के कारण सारा रिकॉर्ड जलकर राख हो गया है। सबूत के तौर पर कंपनी ने कुछ तस्वीरें भी पेश कीं। हालांकि, गहन जांच में खुलासा हुआ कि ये तस्वीरें पूरी तरह से फर्जी थीं और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार की गई थीं। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने इस जालसाजी को बेहद गंभीरता से लिया। फर्जी दफ्तर और पुलिस केस के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय के पंजाब क्षेत्रीय कार्यालय ने कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवाने के लिए पुलिस को पत्र लिखा है। जब उच्च अधिकारियों ने सुभानपुर स्थित दफ्तर का निरीक्षण किया, तो वहां ताला लटका मिला और बाहर लगा बोर्ड भी मानकों के अनुरूप नहीं था। आशंका जताई जा रही है कि कंपनी केवल कागजों पर ही चल रही थी और मुख्य काम कहीं और से संचालित हो रहा था। उल्लेखनीय है कि इस कंपनी का एक कार्यालय अंबाला में भी स्थित है। कड़े बायो-सिक्योरिटी नियम और पहले हुई कार्रवाई पंजाब और हरियाणा से लगभग 90 प्रतिशत बासमती चावल का निर्यात ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों को होता है। ऑस्ट्रेलिया अपने बायो-सिक्योरिटी नियमों को लेकर बेहद सख्त है। इससे पहले भी औचक निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर ऑस्ट्रेलिया ने 44 भारतीय कंपनियों पर रोक लगाई थी, जिसके तहत पंजाब और हरियाणा की 8 कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए गए थे। उसी सख्ती को आगे बढ़ाते हुए अब 'जी डी फ्यूमिगेशन' की मान्यता भी निलंबित कर दी गई है। निर्यातकों पर पड़ा करोड़ों रुपये का वित्तीय बोझ बासमती राइस मिलर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रणजीत सिंह जोशन के अनुसार, फ्यूमिगेशन कंपनी की इस धोखाधड़ी का खामियाजा भारतीय निर्यातकों को भुगतना पड़ रहा है। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने बासमती के जहाजी कंटेनरों का अपने देश में दोबारा फ्यूमिगेशन करवाया, जिसका खर्च लगभग 9 लाख रुपये प्रति कंटेनर आया। निर्यातकों ने इस अप्रत्याशित वित्तीय नुकसान से राहत पाने के लिए एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी को पत्र लिखकर इस खर्च से छूट देने की मांग की है।
Posted By: Daily Suraj Bureau