लंदन ओंटारियो: 11 साल की बेटी और 9 साल के बेटे पर हमला; ब्रेन इंजरी के बाद पीड़ित मां ने रोकी स्कूल की पढ़ाई

लंदन ओंटारियो: 11 साल की बेटी और 9 साल के बेटे पर हमला; ब्रेन इंजरी के बाद पीड़ित मां ने रोकी स्कूल की पढ़ाई

कनाडा के लंदन शहर में स्थित एक सरकारी स्कूल के बाहर खेल रहे दो मासूम बच्चों के साथ कथित तौर पर हुई मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित बच्चों की मां सैमी राइली (Sammy Riley) ने सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो साझा करते हुए स्कूल में लगातार हो रही बुलिंग (धौंस जमाने/प्रताड़ित करने) पर गहरी चिंता व्यक्त की है। राइली के अनुसार, वायरल वीडियो में उनकी 11 वर्षीय बेटी और 9 वर्षीय बेटे पर अन्य बच्चों द्वारा हमला करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में एक बच्ची के साथ कई लोग मारपीट कर रहे हैं और बाद में एक बच्चे के सिर पर लात मारी जाती दिखाई दे रही है। घटना के तुरंत बाद राइली अपने बेटे को चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल ले गईं, जहां डॉक्टरों ने उसके सिर पर हल्की दिमागी चोट (Concussion) लगने की पुष्टि की। पीड़ित मां का दावा है कि उनके बच्चे पिछले तीन वर्षों से स्कूल में लगातार बुलिंग का सामना कर रहे हैं और उन्होंने पहले भी कई बार इस मामले को स्कूल प्रशासन के ध्यान में लाया था। उन्होंने अपने बच्चों का ट्रांसफर किसी दूसरे स्कूल में कराने का प्रयास भी किया था, लेकिन आवासीय क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) के नियमों के कारण उनकी याचिका स्वीकार नहीं की गई। इस गंभीर घटना के बाद राइली ने टेम्स वैली जिला स्कूल बोर्ड (Thames Valley District School Board), लंदन पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने फिलहाल दोनों बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए टेम्स वैली जिला स्कूल बोर्ड ने कहा है कि उन्हें इस घटना की पूरी जानकारी है और मामले की जांच की जा रही है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि स्कूलों के अंदर या बाहर किसी भी तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और ऐसी घटनाओं को पूरी गंभीरता से लिया जाता है। वहीं, लंदन पुलिस के मुताबिक, उन्हें 24 सितंबर को स्कूल में हुई इस कथित मारपीट की सूचना मिली थी। पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और घटना में शामिल सभी व्यक्ति नाबालिग हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि घटना में शामिल सभी बच्चों की उम्र 12 वर्ष से कम पाई जाती है, तो उनके खिलाफ आपराधिक आरोप (Charges) तय नहीं किए जा सकेंगे। स्कूल बोर्ड ने आश्वस्त किया है कि छात्रों पर 'कोड ऑफ कंडक्ट' लागू होता है, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर निलंबन, स्कूल से निष्कासन और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई के कड़े प्रावधान मौजूद हैं।