'मन की बात' में पीएम मोदी ने कारगिल के शहीदों को किया नमन, सैनिकों के साहस को किया सलाम
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का दिन है और यह देश की सशस्त्र सेनाओं के साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 'शौर्य विजय यात्रा' का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह मोटरसाइकिल रैली 14 जुलाई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से शुरू हुई थी और इसका समापन द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर होगा। "एक सवारी, एक राष्ट्र, एक सलामी" के संदेश के साथ आयोजित यह यात्रा भारतीय सैनिकों के बलिदान को सम्मान देने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने आईएनएस महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने को देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र की एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस युद्धपोत का निर्माण और डिजाइन भारत में ही किया गया है तथा इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरणों और पुर्जों का उपयोग किया गया है। उन्होंने इसे 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की सफलता का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की भी सराहना की। उन्होंने पिनाका लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षणों को भारत की बढ़ती रक्षा तकनीकी क्षमता का प्रमाण बताया। खेल जगत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने पी.वी. सिंधु को जापान ओपन बैडमिंटन खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने पर बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक पहली टेस्ट जीत की भी प्रशंसा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर की पारंपरिक चटाई बनाने की कला 'वागू' को पुनर्जीवित करने के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से श्रीनगर के गुलाम हुसैन और उनकी बेटी तंजीला का उल्लेख किया, जो इस सदियों पुरानी विरासत को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रहे हैं। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस, शौर्य विजय यात्रा, आईएनएस महेंद्रगिरि, DRDO की उपलब्धियों, भारतीय खिलाड़ियों की सफलताओं तथा देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।
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