आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी उपलब्ध होंगी मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी उपलब्ध होंगी मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं

देश में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सरकार ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएमएचपी) को लागू किया है, जिसमें प्रसव के बाद माताओं को भी शामिल किया गया है। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि एनएमएचपी के तहत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) को 767 जिलों में लागू करने की स्वीकृति दी गई है। इस योजना के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। डीएमएचपी के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्तर पर कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें बाह्य रोगी सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन, परामर्श और मनोसामाजिक हस्तक्षेप, गंभीर मानसिक विकारों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए निरंतर देखभाल, दवाएं, आउटरीच सेवाएं तथा एंबुलेंस सेवाएं शामिल हैं। मंत्री ने जानकारी दी कि इन सेवाओं के अतिरिक्त जिला स्तर पर 10 बिस्तरों वाली इन-पेशेंट सुविधा का भी प्रावधान किया गया है। सरकार ने 1.83 लाख से अधिक उप-स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उन्नत किया है। इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के तहत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी शामिल किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मानसिक, तंत्रिका और नशा संबंधी विकारों (एमएनएस) के लिए विभिन्न स्तरों के स्वास्थ्य कर्मियों हेतु संचालन दिशानिर्देश और प्रशिक्षण मैनुअल भी जारी किए गए हैं। एनएमएचपी के तृतीयक देखभाल घटक के तहत मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञता में स्नातकोत्तर (पीजी) विभागों में सीटों की संख्या बढ़ाने और उन्नत उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 25 उत्कृष्टता केंद्रों को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, 19 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में 47 पीजी विभागों को सुदृढ़ करने के लिए भी समर्थन दिया गया है। देश में वर्तमान में 47 सरकारी मानसिक अस्पताल कार्यरत हैं, जिनमें तीन केंद्रीय संस्थान शामिल हैं—बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस), तेजपुर (असम) स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई क्षेत्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान तथा रांची स्थित केंद्रीय मनोरोग संस्थान। इसके अतिरिक्त, सभी एम्स में भी मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार ने गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और देखभाल सेवाओं की पहुंच को और बेहतर बनाने के लिए “राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम” भी शुरू किया है।