जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बड़ा हादसा: CISF जवान ने अंधाधुंध चलाईं गोलियां, असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 की मौत
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सीमा सुरक्षा बल और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की निगरानी के बीच एक भीषण भ्रातृघातक (Fratricide) घटना सामने आई है। जिले के बसोहली इलाके में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान ने अपने ही साथी जवानों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इस दर्दनाक गोलीबारी में एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार CISF कर्मियों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर (SI) लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा हिमाचल प्रदेश सीमा से सटे बसोहली में स्थित एक पावर प्रोजेक्ट के सुरक्षा परिसर में हुआ। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर जवानों के बीच आपस में तीखी बहस हो गई थी। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि गुस्साए आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने अपनी सरकारी एके-47 (AK-47) राइफल से साथियों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी जवान कार्यालय परिसर में दाखिल हुआ और अंधाधुंध फायरिंग की। घटना के समय उसके पास करीब 150 राउंड कारतूस होने की बात भी सामने आई है। वारदात के तुरंत बाद कठुआ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। घटना की सूचना मिलते ही CISF और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा बलों में जवानों के बीच तनाव और आपसी विवादों के कारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। उल्लेखनीय है कि जिस स्थान पर यह घटना घटी, वह बसोहली तहसील में रावी नदी पर बना 'सेवा-3' (Sewa-III) पावर प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 1993 में हुई थी, लेकिन वर्ष 2013 में आई भीषण बाढ़ के कारण इसका लगभग 300 मीटर लंबा हिस्सा बह गया था। तब से पिछले 12-13 वर्षों से यह प्रोजेक्ट पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। इसी बंद पड़े पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा व्यवस्था के लिए CISF के जवानों की टुकड़ी तैनात की गई थी।
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