जम्मू-कश्मीर मुठभेड़ विवाद: पाकिस्तानी सेना का दावा, जीवित है भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा ढेर किया गया लश्कर कमांडर आसिफ
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- (Asia/Kolkata)
पाकिस्तानी सेना ने गुरुवार को मध्य जम्मू-कश्मीर के बुडगाम जिले में अपने एलीट स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) के सेवानिवृत्त हवलदार मोहम्मद आसिफ उर्फ हासिम मूसा के मारे जाने के भारतीय अधिकारियों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने दावा किया कि जिस व्यक्ति को मुठभेड़ में ढेर करने की बात कही जा रही है, वह जीवित है और पाकिस्तान में अपने परिवार के साथ रह रहा है।भारतीय अधिकारियों और सुरक्षा बलों के अनुसार, मंगलवार रात बुडगाम जिले के यूसमार्ग क्षेत्र में चलाए गए एक संयुक्त अभियान (ऑपरेशन शेरूवाली) में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हासिम मूसा को मार गिराया गया था। भारतीय एजेंसियों के मुताबिक, हासिम मूसा पूर्व में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ के सुरक्षा काफिले में शामिल रह चुका था और पिछले तीन वर्षों के दौरान घाटी में हुए कई बड़े आतंकवादी हमलों में उसकी भूमिका थी।दूसरी ओर, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारतीय सेना और मीडिया के दावों पर तंज कसा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में भारतीय एजेंसियों के छह महीने लंबे ऑपरेशन पर सवाल उठाए और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोहम्मद आसिफ नाम के व्यक्ति को मीडिया के समक्ष व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत किया। प्रवक्ता ने दावा किया कि यह व्यक्ति पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित अटक जिले का निवासी है। मीडिया के सामने पेश किए गए व्यक्ति ने अपनी पहचान आसिफ के रूप में बताते हुए कहा कि एक दिन पहले उसके दोस्तों ने उसे फोन कर सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों की जानकारी दी, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वह कश्मीर में भारतीय सेना के हाथों मारा गया है। उसने बताया कि वह अपने घर में सुरक्षित बैठा था और इन रिपोर्टों को देखकर हैरान रह गया। उस व्यक्ति ने अपनी सैन्य पृष्ठभूमि साझा करते हुए बताया कि वह वर्ष 2000 में पाकिस्तानी सेना में शामिल हुआ था और 2005 में एसएसजी (SSG) में स्थानांतरित हुआ था। 18 साल की सेवा के बाद वह 2023 में सेवानिवृत्त हुआ। उसने आगे जानकारी दी कि सेना छोड़ने के बाद उसने तीन साल एक निजी सुरक्षा कंपनी में काम किया और पिछले तीन-चार महीनों से वह रावलपिंडी स्थित अपने घर में अपने परिवार के साथ शांतिपूर्वक समय बिता रहा है।
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