होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर मिसाइल हमला: 5 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया, विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि
विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को पुष्टि की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक मिसाइल/प्रोजेक्टाइल हमले की चपेट में आए कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर ‘एमटी काजिमा III’ (MT Kazimah III) पर सवार सभी 5 भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (X) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि कुवैती टैंकर 'एमटी काजिमा III' पर सवार पांचों भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। मंत्रालय ने दोहराया कि भारत सरकार विदेशों में तैनात अपने समुद्री कर्मचारियों (नाविकों) की सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इससे पहले ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने राहत और बचाव कार्य में केंद्रीय भूमिका निभाई। दूतावास ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ओमान के स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी 5 भारतीयों को सुरक्षित तट तक पहुंचाया। दूतावास ने ओमान सरकार और स्थानीय अधिकारियों का उनके निरंतर सहयोग और त्वरित सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। बीते महीने भी ओमान के पूर्वी तट के पास एक अन्य मर्चेंट वेसल 'एमवी केप दाओ' (MV Cape Dao) पर हमला हुआ था। उस दौरान जहाज पर सवार 20 भारतीय नावकियों में से 19 को तो सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत हो गई थी। विदेश मंत्रालय ने उस हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की थी। खाड़ी और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर लगातार हो रहे इन हमलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वाणिज्यिक जहाजों, समुद्री कर्मचारियों और नागरिक अवसंरचना को निशाना बनाने का सिलसिला तुरंत बंद होना चाहिए। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में मुक्त, निर्बाध आवाजाही और व्यापार की बहाली की वकालत करते हुए क्षेत्र में तनाव कम करने और जल्द शांति स्थापित करने के लिए बातचीत और कूटनीति का मार्ग अपनाने की अपील की है।