पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षकों को बंधक बनाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एसआईआर (SIR) से जुड़े सात चुनाव पर्यवेक्षकों को बंधक बनाए जाने की घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गहरी नाराजगी जताई। अदालत ने इस घटना को जानबूझकर किया गया और भड़काऊ बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चल रही चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालना प्रतीत होता है। मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत, न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। पीठ ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य संबंधित अधिकारियों से इस मामले में कार्रवाई न करने को लेकर जवाब तलब किया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार को तीन महिला अधिकारियों सहित सात न्यायिक अधिकारी मालदा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान मतदाता सूची से अपने नाम हटाए जाने के विरोध में हजारों लोगों ने कार्यालय का घेराव कर लिया। स्थिति के दौरान इन सातों अधिकारियों को आधी रात तक बंधक बनाकर रखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में उन्हें भोजन और पानी तक उपलब्ध नहीं कराया गया। इस घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य प्रशासन से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
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