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फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने PSP रिव्यू मीटिंग में दी सख्त चेतावनी

26 Feb, 2026 09:58 PM

पंजाब के फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने आज पंजाब भवन में पेंशनर सेवा पोर्टल (PSP) पर लंबित मामलों के निपटान के लिए अलग-अलग बैंकों के साथ रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता की। लगातार हो रही देरी और डेडलाइन उल्लंघन को लेकर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पेंडिंग मामलों को 31 मार्च, 2026 तक निपटाने की सख्त डेडलाइन तय की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मीटिंग में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बड़े वित्तीय संस्थान पहले भी निर्धारित शेड्यूल का पालन करने में असफल रहे थे, जिसके कारण सरकार को समय अवधि बढ़ानी पड़ी। उन्होंने कहा, “समय बढ़ाने के बावजूद, पोर्टल पर बैकलॉग बहुत अधिक है। पेंशनर सेवा पोर्टल से जुड़े सभी पेंडिंग मामलों को 31 मार्च, 2026 तक सुलझा लिया जाना चाहिए।” उन्होंने 15 मार्च को फॉलो-अप रिव्यू मीटिंग की भी घोषणा की और कड़ी चेतावनी दी कि जो बैंक डेडलाइन तक बकाया मामलों को निपटाने में नाकाम रहेगा, उसके खिलाफ पंजाब सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, “एडमिनिस्ट्रेटिव नाकाबिलियत के कारण पेंशनर्स को परेशान नहीं होने दिया जा सकता।” हरपाल सिंह चीमा ने यह भी स्पष्ट किया कि 31 अक्टूबर, 2025 के निर्देशों के अनुसार जीवन प्रमाण पत्र (JPP) के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है, लेकिन कुछ बैंकों ने इसे पूरी तरह लागू नहीं किया है। उन्होंने कहा, “सरकार ने बैंकों को एक विशेष मैसेज और ड्राफ्ट लेटर दिया है, जो अपने अपडेटेड कॉन्टैक्ट डेटाबेस के जरिए पेंशनर्स तक पहुँचाना आवश्यक है, ताकि उन्हें JPP और ई-केवायसी की जानकारी सही समय पर मिल सके। यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी करना अति आवश्यक है।” पेंशनर्स की सुविधा के लिए राज्य की डोर-स्टेप डिलीवरी सिस्टम पर जोर देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कई पेंशनर्स सुरक्षा कारणों से बैंक शाखा न जाकर घर से ही सेवा लेना पसंद करते हैं, इसलिए ब्रांच स्तर पर पूर्ण तैयार रहना आवश्यक है। मीटिंग के दौरान एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (फाइनेंस) आलोक शेखर ने बैंकों को कड़े ऑपरेशनल गाइडलाइंस जारी किए। उन्होंने कहा कि बैंकों को ई-स्क्रॉल सही समय पर अपलोड करने, डिस्ट्रिक्ट ट्रेजरी ऑफिसर्स द्वारा बताई गई कमियों को तुरंत ठीक करने और सभी बकाया PPOs क्लियर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पीपीएफ और जेपीपी रिक्वेस्ट्स अपलोड करने में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मीटिंग में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी बैंक अपने सॉफ्टवेयर को पेंशनर सेवा पोर्टल से लिंक करने की प्रक्रिया में तेजी लाएँ। एनआरआई पेंशनर्स के लाइफ सर्टिफिकेट्स को अपलोड करना, पेंडिंग JPP रिक्वेस्ट्स को प्रोसेस करना और प्रोविजनल पेंशनर्स को मंजूरी देना भी जरूरी कदम हैं। मीटिंग के अंत में हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पेंशनर्स की इज्ज़त और वित्तीय सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप वाली पंजाब सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बैंकों को आवश्यक सिस्टम बदलाव तुरंत करने होंगे ताकि भविष्य में किसी भी गलत मंजूरी या देरी से बचा जा सके।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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