दर्द निवारक दवा 'एसिटामिनोफेन' की ओवरडोज बनी जानलेवा: क्यूबेक में 81 वर्षीय महिला की मौत के बाद रिपोर्ट जारी
कनाडा के क्यूबेक प्रांत में सामान्य रूप से इस्तेमाल होने वाली दर्द निवारक दवा टाइलेनॉल (Tylenol) की ओवरडोज के कारण एक 81 वर्षीय महिला की दुखद मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद प्रांतीय कोरोनर ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए हेल्थ कनाडा (Health Canada) को ओवर-द-काउंटर और फार्मास्यूटिकल्स में बिकने वाली दर्द निवारक दवाओं के पैकेट का आकार छोटा करने की अहम सिफारिश की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, डोरवाल (Dorval) की रहने वाली बुजुर्ग महिला को 1 जुलाई को मानसिक भ्रम (उलझन) और बिगड़ती स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सीय जांच के दौरान पता चला कि उसके लिवर (यकृत) को गंभीर नुकसान पहुंचा था, जिसका असर बाद में उसके मस्तिष्क के कार्यों पर भी पड़ा। महिला की लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए परिवार ने पैलिएटिव केयर (Palliative Care) का विकल्प चुना, जिसके बाद 5 जुलाई को उसकी मौत हो गई। कोरोनर डॉ. एडगार्ड नासिफ (Dr. Edgard Nassif) द्वारा जारी जांच रिपोर्ट के अनुसार, महिला शराब की लत से भी जूझ रही थी और उसके घर से एसिटामिनोफेन (Acetaminophen) की एक खाली बोतल बरामद हुई थी। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि महिला ने अनजाने में दवा की कई गोलियां ले ली होंगी और खुराकों के बीच के समय का ध्यान नहीं रहा होगा। शराब और अन्य दवाओं के साथ एसिटामिनोफेन का सेवन करने से इसके विषैले प्रभाव का खतरा काफी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य एजेंसी 'हेल्थ कनाडा' के अनुसार, एसिटामिनोफेन—जो टाइलेनॉल सहित कई सामान्य दर्द निवारक दवाओं में मौजूद होता है—की अत्यधिक मात्रा लिवर के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है। कनाडा में हर साल लगभग 4,500 लोग एसिटामिनोफेन की ओवरडोज के कारण अस्पताल में भर्ती होते हैं, जिनमें से करीब 700 मामले गलती से या अनजाने में हुई ओवरडोज से जुड़े होते हैं। क्यूबेक पॉइज़न कंट्रोल सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में एसिटामिनोफेन के विषाक्तता (Poisoning) के 3,562 मामले दर्ज किए गए थे। कोरोनर ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि हालांकि ऐसी मौतें बहुत आम नहीं हैं, लेकिन इनसे स्वास्थ्य प्रणाली पर पड़ने वाला बोझ और मरीजों पर होने वाले दीर्घकालिक प्रभाव बेहद गंभीर हैं। उन्होंने हेल्थ कनाडा से सिफारिश की है कि वह दर्द निवारक दवाओं की पैकेजिंग का आकार घटाने के संभावित लाभों का अध्ययन करे। इसके लिए उन्होंने इंग्लैंड का उदाहरण दिया, जहां दवाओं की छोटी पैकेजिंग लागू करने के बाद ओवरडोज से होने वाली मौतों और अस्पताल में भर्ती होने के मामलों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।
Posted By: Daily Suraj Bureau