कुल्हाल चेक पोस्ट पर बैरिकेड तोड़ आगे बढ़े निहंग सिंह, चार गिरफ्तार साथियों की रिहाई पर अड़े
हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर गुरुवार देर रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब निहंग सिंहों के एक बड़े जत्थे ने विकासनगर क्षेत्र स्थित कुल्हाल चेक पोस्ट पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ दिए और हेमकुंड साहिब की ओर आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सीमा पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और दंगा-रोधी उपकरणों से लैस सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। जानकारी के अनुसार, निहंग जत्थेबंदियों द्वारा उत्तराखंड की ओर मार्च का ऐलान किए जाने के बाद पुलिस ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। कुल्हाल-विकासनगर सीमा पर व्यापक घेराबंदी की गई थी ताकि जत्थे को आगे बढ़ने से रोका जा सके। यह तनाव हाल ही में कर्णप्रयाग और नगरासू गुरुद्वारों से जुड़े विवाद के बाद बढ़ा है। मोहाली से रवाना हुआ था जत्था बताया गया है कि निहंग सिंहों का यह जत्था पंजाब के मोहाली से रवाना हुआ था। उन्हें उत्तराखंड में प्रवेश से रोकने के लिए कुल्हाल चौकी क्षेत्र को हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस अधीक्षक पंकज गरोला ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे निकल गए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। प्रशासन से बातचीत रही बेनतीजा स्थिति को सामान्य बनाने के लिए स्थानीय एसडीएम, तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और निहंग सिंहों से बातचीत की, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। कुल्हाल बॉर्डर पर रोके जाने के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। नीले बाने पहने तथा तलवारों, डंडों और अन्य हथियारों से लैस कई निहंग सिंहों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। चार निहंग सिंहों की रिहाई की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे तब तक पंजाब वापस नहीं लौटेंगे, जब तक कर्णप्रयाग घटना के संबंध में गिरफ्तार किए गए चार निहंग सिंहों को रिहा नहीं किया जाता। जत्थे के एक प्रतिनिधि ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे अरदास और धार्मिक परंपराओं के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से अपनी यात्रा पूरी करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के साथ किसी टकराव के बजाय वे बातचीत और आपसी सहमति से विवाद का समाधान चाहते हैं। प्रतिनिधि ने यह भी दावा किया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि गिरफ्तार निहंग सिंहों की जमानत की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में पूरी हो सकती है। 16 जून की घटना के बाद बढ़ा विवाद गौरतलब है कि 16 जून को कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और एक अन्य निहंग जत्थे के बीच हुआ एक छोटा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर चार निहंग सिंहों को गिरफ्तार कर लिया था। सिख समुदाय के एक वर्ग ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए इसका विरोध किया था। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस तथा प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
Posted By: Daily Suraj Bureau