संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेतन्याहू का भारी बहिष्कार: 75 देशों के प्रतिनिधियों ने किया वॉकआउट
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया। हालांकि, जैसे ही वे मंच पर पहुंचे, वहां मौजूद विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने उनका कड़ा विरोध किया। लगभग 75 देशों के प्रतिनिधियों ने नारेबाजी व हूटिंग करते हुए सभा का बहिष्कार किया और हॉल से बाहर चले गए। इस बड़े पैमाने पर हुए विरोध के कारण नेतन्याहू को लगभग 3 मिनट तक चुप खड़े रहना पड़ा। इसके बाद उन्होंने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि हॉल में कोई और "कायर" बचा है, तो वह भी बाहर जा सकता है। हालांकि, गैलरी में नेतन्याहू के समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया और 'अम यिसराइल चाई' (इजराइल की जनता जिंदाबाद) के नारे लगाए।अपने संबोधन में इजराइली प्रधानमंत्री ने गाजा, ईरान और लेबनान में जारी इजराइली सैन्य अभियानों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले का हवाला देते हुए गाजा में इजराइली सेना की कार्रवाई का बचाव किया। नेतन्याहू ने कहा कि हमास के लड़ाकों द्वारा इजराइली नागरिकों को मारने का तरीका बेहद भयानक था और ऐसी बर्बरता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि दुश्मनों को लगा था कि इजराइल टूट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इजराइल ने "शेरों की तरह लड़ाई" लड़ी। इजराइल पर गाजा में नरसंहार (Genocide) करने के लग रहे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए नेतन्याहू ने इसे "21वीं सदी का सबसे बड़ा झूठ" करार दिया। उन्होंने दावा किया कि इजराइल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि नरसंहार को रोका है। उन्होंने कहा कि अगर हमास के समर्थकों को मौका मिलता तो वे हर यहूदी का खात्मा कर देते।
Posted By: Daily Suraj Bureau