केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 24 से 27 अगस्त तक करेंगे जापान का दौरा
भारत और जापान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, प्रगति और समृद्धि के साझा लक्ष्य के साथ एक करीबी और स्थायी साझेदारी रखते हैं। इसी दिशा में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापानी कंपनियों और कारोबारियों से भारत में अपने निवेश तथा साझेदारी को और मजबूत करने का आह्वान किया है। पीयूष गोयल ने यह बात उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जापानी प्रतिनिधिमंडल के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। गोयल ने बताया कि वह 24 से 27 अगस्त तक जापान की यात्रा करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य सरकार और उद्योग जगत के उच्च स्तर पर चल रही बातचीत को आगे बढ़ाना तथा दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करना है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 27.5 अरब डॉलर रहा। वहीं, जापान वर्तमान में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का पांचवां सबसे बड़ा स्रोत है। यह दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के विस्तार की मजबूत संभावनाओं को दर्शाता है। उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर जोर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर से आए प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी भारत के राज्यों और जापान के विभिन्न क्षेत्रों के बीच बढ़ती द्विपक्षीय साझेदारी को दर्शाती है। उत्तर प्रदेश की बढ़ती आर्थिक क्षमता का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की बड़ी और महत्वाकांक्षी आबादी, बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक गतिविधियां और कुशल कार्यबल जापानी तकनीक एवं विशेषज्ञता के लिए मजबूत आधार उपलब्ध कराते हैं। इससे भारत की युवा कार्यशक्ति और तेजी से विस्तार कर रहे बाजार की जरूरतों को भी पूरा किया जा सकता है। भारत में 1,400 से अधिक जापानी कंपनियां सक्रिय गोयल ने कहा कि भारत-जापान साझेदारी का प्रभाव जमीन पर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना, दिल्ली, अहमदाबाद, बेंगलुरु और चेन्नई में जापानी सहायता से विकसित मेट्रो प्रणालियों तथा आठ राज्यों में स्थापित 11 जापानी औद्योगिक टाउनशिप का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1,400 से अधिक जापानी कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। इनमें मोबिलिटी क्षेत्र में सुजुकी, टोयोटा और होंडा, इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सोनी तथा इंजीनियरिंग क्षेत्र में हिताची और मित्सुबिशी जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। जापान के 10 ट्रिलियन येन निवेश लक्ष्य का भी जिक्र जुलाई 2026 में दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक सम्मेलन का उल्लेख करते हुए पीयूष गोयल ने दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने की रणनीतिक प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस साझेदारी के तहत अगले दशक में जापान की ओर से भारत में 10 ट्रिलियन येन का निवेश करने का लक्ष्य भी शामिल है।
Posted By: Daily Suraj Bureau