मानसा में महिला की मौत के बाद प्रदर्शन, आठवें दिन भी अंतिम संस्कार नहीं
गांव बुर्ज झब्बर की एक महिला द्वारा स्कूल में हिस्सेदारी की रकम को लेकर कथित तौर पर जहरीली वस्तु खाकर आत्महत्या करने के मामले में पीड़ित पक्ष ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाना जोगा के सामने पक्का धरना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मानसा-बर्नाला मार्ग पर जाम लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घटना को आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन आरोपित पति-पत्नी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित पक्ष ने स्पष्ट किया है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक मृतका का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। नौ सदस्यीय संघर्ष समिति ने थाना जोगा के बाहर टेंट लगाकर पक्का मोर्चा शुरू किया है। प्रदर्शन में किसान संगठनों, मजदूर मुक्ति मोर्चा आजाद और गांव के लोग भी शामिल हुए। संघर्ष समिति के नेता बेअंत सिंह ने आरोप लगाया कि स्कूल की हिस्सेदारी में लाखा सिंह ने अपनी जमीन बेचकर पैसा लगाया था। उनके अनुसार, जगतार सिंह और उसकी पत्नी ने कथित तौर पर इसमें हेराफेरी की। जमीन हाथ से जाने और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी से परेशान होकर लाखा सिंह की पत्नी किरणजीत कौर ने जहरीली वस्तु खाकर अपनी जान दे दी। बेअंत सिंह ने कहा कि घटना को आठ दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी पति-पत्नी को जानबूझकर गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी कर कथित करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा। संघर्ष समिति के नेता ने यह भी आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की कथित ठगी को दबाने के लिए अलग-अलग बातें और कहानियां सामने लाई जा रही हैं। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की। उन्होंने दोनों पक्षों के मोबाइल फोन की जांच कराने की भी मांग की और कहा कि इससे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश लगातार जारी है। डीएसपी ने कहा कि आरोपियों को जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में लिया जाएगा। आठवें दिन भी अंतिम संस्कार नहीं स्कूल हिस्सेदार लाखा सिंह की पत्नी किरणजीत कौर ने 2 अगस्त को घर में कथित तौर पर जहरीली वस्तु खाकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी मृत देह सिविल अस्पताल के शवगृह में रखी हुई है। घटना के आठ दिन बाद भी उनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। पीड़ित परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार नहीं करने की मांग पर अड़ा हुआ है। इस स्थिति को लेकर पुलिस प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है। थाना जोगा के बाहर धरने की सूचना मिलने पर डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन पीड़ित पक्ष ने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया। क्या है पूरा मामला? गांव अकलीया में लाखा सिंह, जगतार सिंह और एक अन्य व्यक्ति ने मिलकर एलपाइन वैली स्कूल शुरू किया था। लाखा सिंह के अनुसार, उन्होंने वर्षों पहले अपनी कृषि भूमि बेचकर स्कूल में पैसा लगाया था। बताया गया है कि जगतार सिंह और उसकी पत्नी को बाद में सरकारी नौकरी मिल गई। जब उन्होंने स्कूल में अपने हिस्से के पैसे वापस मांगे, तो कथित तौर पर उलटे उनके नाम लाखों रुपये की देनदारी निकाल दी गई। इसी विवाद के बाद लाखा सिंह की पत्नी ने जहरीली वस्तु खाकर अपनी जान दे दी। थाना जोगा पुलिस ने लाखा सिंह के बयान के आधार पर शिक्षक दंपती के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, दूसरी ओर जगतार सिंह के परिवार का कहना है कि लाखा सिंह द्वारा स्कूल से पैसे मांगने के अलावा उसकी पत्नी की आत्महत्या के अन्य कारण भी हो सकते हैं। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
Posted By: Daily Suraj Bureau