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‘सेव डेमोक्रेसी’ बैनर के साथ संसद से ECI तक मार्च, बैरिकेडिंग के बाद धरने पर बैठे विपक्षी नेता

06 Oct, 2026 12:57 PM

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार से ‘Save Democracy’ का बैनर लेकर चुनाव आयोग (ECI) मुख्यालय की ओर मार्च करते हुए करीब 150-200 मीटर की दूरी तक पहुंचे। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने नीति आयोग के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, NCP-SP नेता सुप्रिया सुले और कई अन्य विपक्षी नेता धरने में शामिल हुए।
धरने के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार का “समय पूरा हो गया है” और उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा, “ज्ञानेश, अब हो गया भाई। इस्तीफा देने का समय आ गया है।”
विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान “वोट चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने ऐसे बैनर भी प्रदर्शित किए, जिनमें CEC को लेकर भाजपा पर आरोप लगाए गए थे।
INDIA ब्लॉक का यह मार्च मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष की आपत्तियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के तहत आयोजित किया गया था। विपक्ष ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि उसके फैसले वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत लिए जाते हैं।
विपक्षी प्रतिनिधिमंडल को आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेड लगाकर रोका गया। मध्य दिल्ली में इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दिल्ली पुलिस के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान भी तैनात किए गए थे।
समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने CEC के नाम का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका मानना है कि भगवान गणेश किसी गलत काम का समर्थन नहीं करेंगे और सही के लिए लड़ने वालों की रक्षा करेंगे।
SP सांसद धर्मेंद्र यादव ने संविधान को लेकर भाजपा के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले विपक्षी सांसदों को निलंबित किया गया और संसद में कानून पारित किए गए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि चुनाव आयोग की ओर से स्पष्टीकरण जारी करने का अधिकार भाजपा के पास कैसे हो सकता है।
कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने कहा कि विपक्ष की मांगें स्पष्ट हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया को रद्द करने और इस प्रक्रिया के दौरान बाहर किए गए या हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की।
उन्होंने कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की। उनका कहना था कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर के पीछे कौन था और इससे किसे फायदा हुआ।
हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) और DMK मंगलवार के इस विरोध मार्च में शामिल नहीं हुए। AAP ने कहा है कि वह इस मुद्दे को अलग से उठाएगी। वहीं, INDIA ब्लॉक का यह मार्च चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष के संयुक्त अभियान के तहत आयोजित किया गया।
विपक्षी सांसदों का मार्च सुबह करीब 10:30 बजे संसद के मकर द्वार से शुरू हुआ था। सांसद वहां एकत्र हुए और इसके बाद ECI मुख्यालय की ओर बढ़े। विपक्ष ने पिछले सप्ताह इस प्रदर्शन की घोषणा की थी। यह अभियान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर चलाया जा रहा है।

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