पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी से सचिन पायलट का इनकार, कहा- 'कप्तानी तभी मजबूत जब पूरी टीम साथ हो'
आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब मामलों के प्रभारी सचिन पायलट ने राज्य की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ('आप') सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। एक विशेष इंटरव्यू में पायलट ने पंजाब में नशे की गंभीर स्थिति, बढ़ते कर्ज और बिगड़ी कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। 'चिट्टा और नशा 20 मिनट में डोरस्टेप डिलीवरी' पंजाब में नशे की समस्या की गंभीर तस्वीर पेश करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि हाल ही में उन्होंने पूरे प्रदेश का व्यापक दौरा किया है। उन्होंने दावा किया कि यदि कोई व्यक्ति अपने घर या गांव में बैठा हो, तो ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स 'ब्लिंकिट' (Blinkit) या 'जोमैटो' (Zomato) के माध्यम से खाना मंगवाने में लगभग 45 मिनट लग जाते हैं, जबकि 'चिट्टा' और अन्य नशीले पदार्थ महज 20 मिनट के भीतर घर के दरवाजे पर पहुंच जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे की होम डिलीवरी धड़ल्ले से चल रही है और 2022 में 92 सीटों के ऐतिहासिक जनादेश के साथ आई 'आप' सरकार इसे रोकने में पूरी तरह विफल रही है। पंजाब पर कर्ज का बोझ और बिगड़ी अर्थव्यवस्था राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब पर कर्ज का बोझ 2.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 4.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उद्योग और नया निवेश राज्य से बाहर पलायन कर रहे हैं, व्यापारियों को रंगदारी (फिरौती) के लिए धमकियां मिल रही हैं और नशे ने राज्य के सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में मुख्य मुकाबला केवल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच ही होगा, क्योंकि मालवा, दोआबा और माझा में कांग्रेस का जनाधार पूरी तरह मजबूत है। कांग्रेस में गुटबाजी खारिज, टीम भावना पर जोर पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह और गुटबाजी की खबरों को खारिज करते हुए सचिन पायलट ने इसे 'स्वस्थ प्रतिस्पर्धा' (Healthy Competition) करार दिया। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह से टीम भावना के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा, "कप्तान तभी मजबूत होता है जब उसकी पूरी टीम उसके साथ मजबूती से खड़ी हो।" मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष में रहते हुए नेतृत्व सामूहिक होता है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और सभी वरिष्ठ नेता शामिल रहते हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह पर टिप्पणी पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने पर बात करते हुए पायलट ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला था, लेकिन वे वहां खुश नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब बीजेपी में शामिल हुए अधिकतर प्रमुख चेहरे पूर्व कांग्रेसी ही हैं और बीजेपी में बाहर से गए नेताओं को वह वास्तविक सम्मान नहीं मिलता जिसकी वे उम्मीद करते हैं।