पार्टी पंजीकरण रोकने के खिलाफ अकाली दल वारिस पंजाब दे ने राज्यपाल कटारिया से की मुलाकात
अकाली दल वारिस पंजाब दे’ के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी का पंजीकरण रोके जाने के मुद्दे पर राज्यपाल को एक मांग पत्र भी सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह अयाली और सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने भारत के चुनाव आयोग द्वारा पार्टी के पंजीकरण को रोके जाने को लेकर अपनी आपत्तियां राज्यपाल के समक्ष रखीं।
बैठक के बाद मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि चुनाव आयोग ने देश की सुरक्षा को खतरे का हवाला देते हुए उनकी पार्टी का पंजीकरण रोक दिया है। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह अनुचित बताया।
अयाली ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) समेत अन्य राजनीतिक दल चुनावी मैदान में ‘वारिस पंजाब दे’ को अपने लिए चुनौती मान रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से इन राजनीतिक दलों का पार्टी का पंजीकरण रुकवाने के पीछे हाथ है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनकी पार्टी की लोकप्रियता से घबराकर राजनीतिक विरोधी उसके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल से इस पूरे मामले पर ध्यान देने और प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में उठाए गए मुद्दों पर विचार करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के उस फैसले पर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई, जिसके तहत पार्टी का पंजीकरण रोका गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस फैसले के कारण उन्हें चुनावी प्रक्रिया में औपचारिक रूप से हिस्सा लेने में बाधा आ रही है।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पंजाब में आगामी राजनीतिक और चुनावी गतिविधियां तेज हो रही हैं। ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ की ओर से पार्टी के पंजीकरण से जुड़े मुद्दे को लेकर राज्यपाल के समक्ष अपना पक्ष रखा गया है।