रोशीबिना देवी का शानदार प्रदर्शन, एशियाई खेलों में जीता लगातार दूसरा रजत
भारत की वुशू खिलाड़ी रोशीबिना देवी ने गुरुवार को एशियाई खेलों में महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्हें चीन की जियाओयू झांग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। यह एशियाई खेलों में रोशीबिना देवी का तीसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 में कांस्य और 2023 में रजत पदक जीता था। एशियाई खेलों में वुशू के इतिहास में यह भारत का 11वां पदक है। इनमें एक स्वर्ण, दो रजत और आठ कांस्य पदक शामिल हैं। भारत ने इन एशियाई खेलों में अब तक कुल 14 पदक जीते हैं, जिनमें एक स्वर्ण, छह रजत और सात कांस्य पदक शामिल हैं। रोशीबिना ने फाइनल तक पहुंचने के दौरान क्वार्टर फाइनल में मकाऊ की चू मैन सिन को 5-0 से हराया था। इस जीत के साथ उन्होंने अपना पदक पक्का किया। इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, स्वर्ण पदक के लिए हुए फाइनल मुकाबले में चीन की जियाओयू झांग ने रोशीबिना को 2-0 से हरा दिया। इस परिणाम के साथ भारतीय खिलाड़ी को रजत पदक मिला। रोशीबिना देवी मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वासिफाई गांव के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह कोच माईबाम प्रेमकुमार सिंह की देखरेख में SAI NCOE इम्फाल में महिलाओं के सांडा 60 किलोग्राम वर्ग में प्रशिक्षण लेती हैं। रोशीबिना ने जकार्ता में आयोजित 2018 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने हांगझोउ में आयोजित 2023 के 19वें एशियाई खेलों में रजत पदक हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ वह एशियाई खेलों में वुशू में रजत पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बनीं। उनकी खेल उपलब्धियों को भारत के दूसरे सबसे बड़े खेल सम्मान ‘अर्जुन अवॉर्ड’ से भी मान्यता मिल चुकी है। इसके अलावा उन्हें ‘इंटरनेशनल वुशू फेडरेशन’ की ओर से ‘फीमेल वुशू एथलीट ऑफ द ईयर (सांडा)’ के खिताब से भी सम्मानित किया गया है।
Posted By: Daily Suraj Bureau