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कांग्रेस का चंडीगढ़ में ज़ोरदार प्रदर्शन: वित्त मंत्री हरपाल चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग

08 Sep, 2026 04:30 PM

आम आदमी पार्टी (AAP) नीत पंजाब सरकार के खिलाफ पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की अगुवाई में मंगलवार को चंडीगढ़ में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार रोष प्रदर्शन किया। पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए मार्च निकाला, हालांकि पुलिस बल ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने संगरूर जिले के दिड़बा (गांव तूर वंजारा) निवासी गुलज़ार सिंह की खुदकुशी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को तुरंत पद से बर्खास्त करने और गिरफ्तार करने की मांग की। वड़िंग ने कहा कि पीड़ित गुलज़ार सिंह ने अपने अंतिम बयान में स्पष्ट रूप से कहा था कि उनकी खुदकुशी के लिए वित्त मंत्री चीमा जिम्मेदार हैं। वड़िंग ने शेरों गांव के मोहनजीत सिंह का मामला भी उठाया और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की हिम्मत करने पर पुलिस ने उस पर अमानवीय अत्याचार किए। इसके साथ ही उन्होंने बलात्कार के एक आरोपी को दिए जा रहे कथित संरक्षण पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की चुप्पी पर सवाल खड़े किए।राजनीतिक हमले को तेज करते हुए वड़िंग ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह तथा अरविंद केजरीवाल व भगवंत मान के बीच एक गुप्त समझौता हुआ है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चाहती है कि आम आदमी पार्टी गुजरात में भाजपा विरोधी वोटों का बंटवारा करे, और इसके बदले भाजपा पंजाब में आप सरकार की मदद कर रही है।वड़िंग ने आरोप लगाया कि इसी सांठगांठ के चलते प्रवर्तन निदेशालय (ED) भ्रष्टाचार के मामलों में पंजाब पुलिस के साथ मिलकर ढिलाई बरत रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ईडी ने पूर्व कांग्रेस मंत्री साधु सिंह धर्मसोत के मामले में तुरंत कार्रवाई की थी, तब आप नेताओं के मामलों में वैसी तत्परता क्यों नहीं दिखाई जा रही?आम आदमी पार्टी पर अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए वड़िंग ने गुरप्रीत सिंह सेखों जैसे सजायाफ्ता गैंगस्टर को पार्टी में शामिल करने पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ पंजाब की जनता गैंगस्टरों से छुटकारा चाहती है, वहीं सत्ताधारी पार्टी उन्हें राजनीतिक मंच प्रदान कर रही है।इसके अलावा, पीसीसी प्रमुख ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को उनका बकाया महंगाई भत्ता (DA) न देने और उनके प्रति दमनकारी रवैया अपनाने के लिए मुख्यमंत्री की कड़े शब्दों में निंदा की।पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए वड़िंग ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया ताकि आगामी चुनावों में पंजाब को इस सरकार से मुक्ति मिल सके। उन्होंने ऐलान किया कि वह भविष्य में मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों और मंचों तक पहुंचकर सीधे काले झंडे लहराकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।इस रोष प्रदर्शन में पंजाब के सभी 25 जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। मुख्य रूप से राणा के.पी. सिंह, अमित विज, बलबीर सिंह सिद्धू, ब्रह्म महिंद्रा, कुलजीत सिंह नागरा, शमशेर सिंह दूलो, गुरजीत औजला, दलवीर गोल्डी, डॉ. राज कुमार वेरका, हरदियाल कंबोज, कैप्टन संदीप संधू, साधु सिंह धर्मसोत, निषात अख्तर, सुखविंदर डैनी, हरी खाई, लखवीर लक्खा, शाम सुंदर अरोड़ा, ममता दत्ता, कुलबीर जीरा, राकेश पांडे, पवन दीवान, सुनील दत्ती, पवन आदिया और मोहित महिंद्रा सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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