नेहा शोरी हत्याकांड: मृत ड्रग इंस्पेक्टर के पिता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर की सीबीआई जांच की मांग
वर्ष 2019 के दौरान खरड़ स्थित कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी गई ड्रग इंस्पेक्टर नेहा शोरी के पिता कैप्टन कैलाश शोरी (सेवानिवृत्त) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस पूरे हत्याकांड की सीबीआई (CBI) से जांच कराने की मांग की है। इस मांग पत्र की एक प्रति पंजाब के राज्यपाल को भी भेजी गई है। उल्लेखनीय है कि नेहा शोरी को 29 मार्च 2019 को उनके सरकारी कार्यालय में ड्यूटी के दौरान गोली मार दी गई थी। शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, हमलावर बलविंदर सिंह ने व्यक्तिगत रंजिश के तहत अकेले ही इस वारदात को अंजाम दिया था, क्योंकि वर्ष 2009 में उसका ड्रग लाइसेंस रद्द कर दिया गया था और बाद में अधिकारी ने उसकी पत्नी को नया लाइसेंस देने से इंकार कर दिया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक हमलावर ने मौके पर ही खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि, परिवार ने इस सरकारी दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। कैप्टन शोरी ने आरोप लगाया है कि बलविंदर सिंह ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि ड्रग सिंडिकेट से जुड़े किसी किराए के शूटर ने उसे मौके पर ही मार गिराया ताकि बड़े चेहरों के नाम बेनकाब न हो सकें। उन्होंने दावा किया कि नेहा को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने नशा मुक्ति केंद्रों के लिए आने वाली बूप्रेनेरफिन (buprenorphine) गोलियों समेत सरकारी दवाओं की अवैध बिक्री और कालाबाजारी के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया हुआ था। सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी ने एक बड़ी खामी की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया कि हमलावर को वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता के वक्त हथियार का लाइसेंस जारी किया गया था, यानी वह समय जब आम नागरिकों के असलहे थानों में जमा करवाने के सख्त आदेश होते हैं। उन्होंने कहा कि यह तथ्य राज्य के रेगुलेटरी और प्रशासनिक संस्थानों में बैठे उच्च अधिकारियों की मिलीभगत की तरफ साफ इशारा करता है। नशा विरोधी कार्यकर्ता और पूर्व सैनिक परविंदर सिंह झोटा के हाल ही में हुए कत्ल का हवाला देते हुए कैप्टन शोरी ने कहा कि पंजाब में नशा माफिया का गठजोड़ एक बार फिर बेनकाब हो गया है। उन्होंने अपनी बेटी को भी एक अन्य पूर्व सैनिक की बेटी बताया जो इस गंभीर समस्या की भेंट चढ़ गई। कैप्टन शोरी ने स्थानीय पुलिस पर लगातार तंग-परेशान करने और निष्पक्ष जांच मांगने के बदले झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां देने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि शाह के हालिया मानसा दौरे के दौरान पुलिस ने परिवार को उनसे मिलने और मांग पत्र सौंपने से रोक दिया था। कैप्टन शोरी ने इस समूची साजिश, चुनावों के दौरान हथियार लाइसेंस जारी करने के मामले और अंदरूनी ड्रग नेटवर्क की तह तक जाने के लिए मामला तुरंत सीबीआई के हवाले करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि राज्य सरकार को उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की दबाव वाली कार्रवाई पर रोक लगाने के निर्देश दिए जाएं।