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हरियाणा बिल्डिंग कोड में बदलाव का प्रस्ताव, EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर होगा जरूरी

28 Apr, 2026 04:13 PM

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और भविष्य के लिए तैयार शहरी बुनियादी ढांचा विकसित करने की दिशा में हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के नगर एवं ग्राम योजना विभाग (TCPD) ने हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया है, जिसके तहत आवासीय और गैर-आवासीय दोनों प्रकार की इमारतों में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को अनिवार्य करने की योजना है। नगर एवं ग्राम योजना निदेशालय द्वारा 27 अप्रैल को जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, इन प्रस्तावित संशोधनों को सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। अब इन्हें आम जनता और संबंधित हितधारकों के सुझाव और आपत्तियों के लिए 30 दिनों तक सार्वजनिक किया गया है। नागरिक 26 मई तक अपने सुझाव और आपत्तियां भेज सकते हैं। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, कम से कम 10 कारों की पार्किंग क्षमता वाली सभी नई और नवीनीकृत गैर-आवासीय इमारतों—जैसे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल, होटल और कार्यालय—में हर तीन पार्किंग स्लॉट पर कम से कम एक EV चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य होगा। इसके साथ ही इन इमारतों को पूरी तरह EV-रेडी बनाने के लिए आवश्यक कंड्यूट सिस्टम भी स्थापित करना होगा। इसी प्रकार, आवासीय परियोजनाओं—जिनमें सहकारी हाउसिंग सोसायटी, ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट और 10 या उससे अधिक कार पार्किंग वाले RWA संचालित ब्लॉक शामिल हैं—में हर पांच पार्किंग स्लॉट के लिए एक EV चार्जिंग स्पॉट उपलब्ध कराना अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही पूर्ण EV-रेडी कंड्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित करना होगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन संशोधनों में EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की गणना से छूट देने का प्रावधान किया गया है। एक वरिष्ठ TCPD अधिकारी के अनुसार, इससे डेवलपर्स और हाउसिंग सोसायटी को अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र की सीमाओं की चिंता किए बिना इन नियमों को अपनाने में आसानी होगी। ड्राफ्ट में निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोर पर भी EV चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की अनुमति दी गई है। नगर एवं ग्राम योजना निदेशक ने इन संशोधनों को औपचारिक रूप से लागू करने से पहले ईमेल के माध्यम से आम जनता और हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। ये संशोधन हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 की धारा 6.3(3) में शामिल किए जाएंगे।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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