थाने के सामने से गुजर रहीं रेत से भरी ट्रॉलियां, कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी
गांव सारंगपुर के पास टांगरी नदी में अवैध खनन का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि नदी से खुलेआम रेत और बजरी का अवैध खनन किया जा रहा है, जबकि प्रशासन और संबंधित विभाग इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं। शिकायतकर्ता सरदारा सिंह हंडेसरा ने मौके की तस्वीरें खींचकर संबंधित अधिकारियों को भेजीं और तुरंत कार्रवाई की मांग की। हालांकि, उनके अनुसार अब तक किसी भी विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जानकारी के मुताबिक, गांव सारंगपुर के पास टांगरी नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए लगातार अवैध खनन किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने मौके से ही थाना हंडेसरा पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारियों को फोन कर इसकी जानकारी दी। माइनिंग विभाग के एक्सईएन से संपर्क करने की भी कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इसके बावजूद कोई भी अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने नहीं आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध रूप से भरी गई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गांव सारंगपुर से होकर हंडेसरा चौक के रास्ते एनएच-72 से स्टोन क्रशर जोन तक पहुंचती हैं। लोगों ने हैरानी जताई कि यह रास्ता सीधे थाना हंडेसरा के मुख्य गेट के सामने से गुजरता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस अक्सर यह कहकर जिम्मेदारी से बच निकलती है कि वाहनों की जांच करना माइनिंग विभाग का काम है। वहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि माइनिंग विभाग द्वारा लगाया गया नाका एनएच-72 पर हंडेसरा चौक से करीब 500 मीटर उत्तर दिशा में स्थित है, जिसके कारण अवैध खनन से जुड़े वाहन आसानी से दूसरे रास्तों से निकल जाते हैं और जांच से बच जाते हैं। गांववासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत भूमि और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि अवैध खनन में शामिल लोगों में कानून का कोई डर दिखाई नहीं देता और वे खुलेआम सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो टांगरी नदी का आधार खतरे में पड़ सकता है, जिससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान होगा। इस मामले में एसडीएम डेराबस्सी अमित गुप्ता ने कहा कि मौके की जांच कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Posted By: Daily Suraj Bureau