मां दुर्गा के सातवें स्वरूप 'मां कालरात्रि' की आराधना आज, भक्तों को मिलेगा भय और दुखों से छुटकारा
शारदीय नवरात्रि के पवित्र त्योहार के सातवें दिन आज आदिशक्ति मां दुर्गा के सातवें स्वरूप 'मां कालरात्रि' की विधि-विधान और निष्ठा के साथ पूजा-अर्चना की जा रही है। इस पावन अवसर पर देशभर के प्रमुख मंदिरों और घरों में श्रद्धालु सुबह से ही मां के इस शक्तिशाली और दिव्य स्वरूप के दर्शन व आराधना में लीन हैं। उग्र स्वरूप के बावजूद कहलाती हैं 'शुभंकरी' धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत उग्र और भयानक प्रतीत होता है, लेकिन वे अपने सच्चे भक्तों का हमेशा कल्याण करती हैं। सदैव अपने भक्तों को शुभ फल प्रदान करने के कारण मां के इस रूप को 'शुभंकरी' भी कहा जाता है। मां कालरात्रि अपने शरण में आने वाले श्रद्धालुओं के सभी भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों का नाश कर देती हैं। जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार इस पावन अवसर पर मां कालरात्रि की विशेष पूजा-अर्चना करने से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि मां के आशीर्वाद से मनुष्य के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता, दृढ़ आत्मविश्वास और शुभता का संचार होता है। नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर मां दुर्गा के इस दिव्य अवतार के समक्ष प्रार्थना की जाती है कि उनकी कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।