दिल्ली में आज दिग्गजों का बड़ा जमावड़ा: मनप्रीत बादल की बेटी के रिसेप्शन में आमने-सामने होंगे पीएम मोदी, अमित शाह और सुखबीर बादल
देश की राजधानी नई दिल्ली में आज रात एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक जमावड़ा देखने को मिलने वाला है। अवसर है पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की बेटी रिया के विवाह का रिसेप्शन समारोह, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के कई वरिष्ठ दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है। यह हाई-प्रोफाइल रिसेप्शन समारोह लुटियंस दिल्ली स्थित पंजाब बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर के निवास स्थान पर आयोजित किया गया है। जय इंदर कौर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी हैं। पारिवारिक रिश्ते और विवाह का खास जुड़ाव इस विवाह का एक दिलचस्प पारिवारिक पहलू भी सामने आया है। वर्ष 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के दोहते निरवान का विवाह कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ. कर्ण सिंह की पोती मृगांका सिंह के साथ हुआ था। वहीं, अब मनप्रीत सिंह बादल की बेटी रिया का विवाह दिल्ली में डॉ. कर्ण सिंह के पोते आर.के. मार्तंड सिंह के साथ संपन्न हो रहा है। शादी के मुख्य समारोह के उपरांत जय इंदर कौर के सरकारी/पारिवारिक आवास पर इस भव्य रिसेप्शन पार्टी का आयोजन रखा गया है। शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति की संभावना प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सामाजिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के अलावा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। कभी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के मजबूत सहयोगी रहे बीजेपी और अकाली दल के शीर्ष नेताओं का किसी निजी सामाजिक कार्यक्रम में एक साथ आना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही वजह है कि राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। बदलते सियासी समीकरणों के बीच मुलाकात यह महाजुटान ऐसे समय में होने जा रहा है जब पंजाब में बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के बीच दोबारा गठबंधन की अटकलें जोर पकड़ रही हैं। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले दस दिनों के भीतर दो बार—पहला 24 अक्टूबर को दिल्ली में और फिर 1 नवंबर को चंडीगढ़ में—पंजाब में एनडीए की सरकार बनने का दावा किया था। इन बयानों के बीच दोनों पक्षों के शीर्ष नेताओं की यह व्यक्तिगत मुलाकात रणनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है।