पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, पांच मंदिरों को निशाना बनाने की धमकी के बाद चौकसी बढ़ी
ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं बरसी से कुछ दिन पहले पंजाब के पांच प्रमुख मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अमृतसर के दुर्गियाना मंदिर समेत पांच प्रमुख धार्मिक स्थलों को धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए हैं, जिसके बाद पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। धमकी प्राप्त करने वाले मंदिरों में अमृतसर का दुर्गियाना मंदिर, पठानकोट का मुक्तेश्वर धाम मंदिर, जालंधर का देवी तालाब मंदिर, बठिंडा का मैसर खाना मंदिर और पटियाला का माता काली मंदिर शामिल हैं। 6 जून को होने वाली बरसी के मद्देनजर पहले से ही कड़े सुरक्षा प्रबंध लागू थे, लेकिन इन धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता का स्तर और बढ़ा दिया है। अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने धमकी भरे ईमेल मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि यद्यपि ये संदेश पहले शैक्षणिक संस्थानों, पंजाब सिविल सचिवालय, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट तथा अन्य प्रमुख संस्थानों को भेजी गई फर्जी (होक्स) धमकियों जैसे प्रतीत होते हैं, फिर भी प्रशासन इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां कोई जोखिम नहीं उठा रही हैं और सभी इनपुट की बारीकी से जांच की जा रही है। धमकियां ऐसे समय में मिली हैं जब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत की जा चुकी है। सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 11 कंपनियां तैनात की गई हैं। इनमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान शामिल हैं। इससे पहले पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव और विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) पी. के. सिन्हा ने अमृतसर सहित अन्य सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की थी। पी. के. सिन्हा ने कहा था कि सुरक्षा एजेंसियां पंजाब में शांति भंग करने की कोशिशों के प्रति पूरी तरह सतर्क हैं। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले देश विरोधी तत्वों और सीमा पार की शत्रुतापूर्ण ताकतों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। बरसी को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती एवं सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। इस बीच, अमृतसर सिटी पुलिस ने हाल ही में पश्चिम बंगाल से एक बांग्लादेशी नागरिक को कथित रूप से फर्जी ईमेल खाते उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इन खातों में से कुछ का उपयोग पाकिस्तान और बांग्लादेश से संचालित शरारती तत्वों द्वारा बम धमकी वाले ईमेल भेजने के लिए किया गया हो सकता है। पंजाब पुलिस ने विदेशों में बैठे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और उनके ठिकानों का पता लगाने के लिए इंटरपोल से भी सहायता मांगी है। इन व्यक्तियों पर लोगों में भय और सार्वजनिक दहशत फैलाने के उद्देश्य से फर्जी बम धमकियां भेजने का संदेह है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, राज्यभर में धार्मिक स्थलों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही चौबीसों घंटे निगरानी और विशेष जांच अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
Posted By: Daily Suraj Bureau