मोहाली में ईडी की बड़ी कार्रवाई: टीडीआई इंफ्राटेक के दफ्तर पर छापेमारी का तीसरा दिन, एसटीजी ग्रुप भी रडार पर
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से मोहाली के सेक्टर-119 स्थित ‘टीडीआई इंफ्राटेक लिमिटेड’ के कार्यालय पर की जा रही छापेमारी आज बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी है। जांच एजेंसी के अधिकारी जमीन के लेन-देन से जुड़े सरकारी दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं और रियल एस्टेट कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। इसी कड़ी में, ईडी ने एयरपोर्ट रोड स्थित एरोसिटी के ‘मोहाली सिटी सेंटर-2’ की छठी मंजिल पर चल रहे बिल्डर एवं ज्वैलर समूह ‘एसटीजी ग्रुप’ के दफ्तर पर भी मंगलवार दोपहर से छापेमारी शुरू कर दी थी, जो अब भी जारी है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, पिछले दिनों 28 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे सीआरपीएफ के जवानों के साथ ईडी के लगभग 15 अधिकारियों की एक विशेष टीम ने सेक्टर-119 स्थित ‘टीडीआई हाउस’ में प्रवेश कर यह कार्रवाई शुरू की थी। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने कार्यालय में मौजूद तमाम कागजातों, कंप्यूटरों, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अपने कब्जे में लेकर उनकी विस्तृत जांच की। इस दौरान वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए थे, हालांकि शुरुआती पूछताछ पूरी होने के बाद कुछ निचले स्तर के स्टाफ के फोन वापस लौटा दिए गए थे। छापेमारी लंबी चलने के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों के रात में ठहरने के लिए दफ्तर के भीतर ही बिस्तर आदि की व्यवस्था मंगवाई गई थी। यह पूरी कार्रवाई मुख्य रूप से ‘मास्टर प्लान’ के अंतर्गत पीआर-6 रोड के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे में हुई कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर अमल में लाई जा रही है। जांच में सामने आया है कि जमीन को सीएलयू (CLU) की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी के निदेशकों और उच्च अधिकारियों ने कथित तौर पर भारी-भरकम मुआवजा हड़पने के लिए जमीनों की रजिस्ट्रियां अपने करीबी पारिवारिक सदस्यों के नाम पर ट्रांसफर करवा ली थीं। बाद में जब इस कथित घोटाले का राजफाश हुआ, तो टीडीआई के अधिकारियों ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर इन रजिस्ट्रियों को रद्द करने का अनुरोध किया था। हालांकि, फिलहाल ईडी के अधिकारियों की तरफ से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन वित्तीय हेराफेरी के इस बड़े नेटवर्क की परतें उखाड़ने के लिए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।