ट्रंप बोले—ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे, गाज़ा युद्धविराम में भूमिका का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष अपने दूसरे कार्यकाल का दूसरा “स्टेट ऑफ द यूनियन” संबोधन दिया। अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने कहा कि अमेरिका का “स्वर्णिम युग” आ चुका है और देश पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका हर मोर्चे पर लगातार सफलताएं हासिल कर रहा है। अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि पिछले वर्ष अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर उसके परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में वे इस मुद्दे को कूटनीति के माध्यम से हल करना चाहते थे, लेकिन ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का आश्वासन देने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान को कभी भी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं देगा। ट्रंप ने गाज़ा में इज़राइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम का भी उल्लेख किया और इसे एक सफल समझौता बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, ट्रंप ने वेनेज़ुएला के साथ संबंधों में सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि यह अब अमेरिका का नया सहयोगी बन गया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला से 80 मिलियन बैरल तेल आयात किया है, जो दोनों देशों के बढ़ते रिश्तों का संकेत है। अपने संबोधन में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अपने कार्यकाल के पहले 10 महीनों में उन्होंने आठ युद्धों को रुकवाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उन्हें बताया कि यदि अमेरिका ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो लगभग 3.5 करोड़ लोगों की जान जा सकती थी। अमेरिका में हर वर्ष राष्ट्रपति कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हैं, जिसे “स्टेट ऑफ द यूनियन” कहा जाता है। इस दौरान प्रतिनिधि सभा और सीनेट के सदस्य एक साथ उपस्थित होते हैं। सदन के स्पीकर और उपराष्ट्रपति, जो सीनेट के अध्यक्ष भी होते हैं, राष्ट्रपति के पीछे मंच पर बैठते हैं। राष्ट्रपति के आगमन की घोषणा के बाद स्पीकर उनका परिचय कराते हैं और फिर राष्ट्रपति अपना संबोधन देते हैं।
Posted By: Daily Suraj Bureau