लगातार बारिश से ओडिशा बेहाल, दो लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित
लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण ओडिशा के कई जिलों में आई भीषण बाढ़ से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। यह जानकारी बुधवार को राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन (R&DM) मंत्री सुरेश पुजारी ने दी। समीक्षा बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री ने बताया कि बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज और केंदुझार जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। दोपहर तक इन जिलों के 44 ब्लॉक, 243 ग्राम पंचायतें और 748 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके थे। उन्होंने बताया कि सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, रायगढ़ा, गजपति और मलकानगिरी के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का असर देखा गया है। मंत्री के अनुसार, केंदुझार जिले में तीन लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें एक नाबालिग की बाढ़ के पानी में डूबने से मृत्यु हुई, जबकि एक बुजुर्ग की जान घर की दीवार गिरने से चली गई। वहीं, फायर सर्विस के कर्मचारी चंदन पटनायक की जल निकासी अभियान के दौरान बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित छह जिलों के निचले इलाकों से करीब 30,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। अन्य संवेदनशील क्षेत्रों से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। राहत शिविरों में विस्थापित लोगों के लिए पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि राहत शिविरों में बच्चों के लिए पर्याप्त भोजन की व्यवस्था की गई है, जबकि महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वर्तमान में 226 गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, कई स्थानों पर जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है। विशेष रूप से बालेश्वर जिले में हालात में सुधार देखने को मिला है, जिससे कुछ लोग राहत शिविरों से अपने घर लौटने लगे हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में फिर से बारिश शुरू हो गई है, जिस पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। मंत्री ने बताया कि इस समय हीराकुंड बांध के दो गेट खुले हुए हैं और जलाशय का जलस्तर सुरक्षित संचालन सीमा के भीतर है। राज्य सरकार ने क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन शुरू कर दिया है और निर्धारित मानकों के अनुसार प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के आधार पर बरगढ़, बलांगीर, नबरंगपुर, मलकानगिरी और रायगढ़ा सहित कई जिलों को भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका के चलते हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी जिला प्रशासनों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बचाव दल, आपातकालीन उपकरण और राहत सामग्री पहले से तैयार रखी गई है। आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए 17 एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ टीमों के साथ लगभग 60 फायर सर्विस टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। मंत्री सुरेश पुजारी ने लोगों से अपील की कि वे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जाने या उफनते जल स्रोतों को पार करने का प्रयास न करें। उन्होंने नागरिकों से जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविरों में जाने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता के लिए 112 पर संपर्क करने का आग्रह किया।
Posted By: Daily Suraj Bureau