नेपाल के डोल्पा में भारी बर्फबारी के बीच फंसे 6 भारतीय पर्यटक सुरक्षित रेस्क्यू, हेलीकॉप्टर से निकाला गया बाहर
पश्चिमी नेपाल के दूरस्थ डोल्पा जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी के कारण फंसे छह भारतीय पर्यटकों को सोमवार सुबह हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन की पुष्टि की है। 31 अक्टूबर से बंद था संपर्क डोल्पा जिला पुलिस कार्यालय के प्रमुख, पुलिस उप अधीक्षक (DSP) अनिल राज गिरी ने बताया कि इलाके में हुई तेज बर्फबारी के कारण ये भारतीय पर्यटक 31 अक्टूबर से संपर्क से बाहर हो गए थे। उन्होंने बताया, "पर्यटकों की लोकेशन का पता चलने के तुरंत बाद एक हेलीकॉप्टर भेजा गया और उन्हें जिला मुख्यालय, दुनाई (Dunai) लाया गया।" राहत की बात यह है कि रेस्क्यू किए गए सभी छह भारतीय पर्यटकों की स्वास्थ्य स्थिति पूरी तरह सामान्य और ठीक है। ट्रेकिंग के दौरान खराब मौसम की चपेट में आए पर्यटक DSP अनिल राज गिरी के अनुसार, यह पर्यटक समूह 'धो ताराप' (Dho Tarap) से प्रसिद्ध पर्यटन स्थल 'शे-फोक्सुंडो झील' (Shey-Phoksundo Lake) की ओर पैदल यात्रा (ट्रेकिंग) कर रहा था। इसी दौरान वे 'शे-फोक्सुंडो' ग्रामीण नगरपालिका के 'दानीगढ़' (Danigadh) इलाके में भारी बर्फबारी और खराब मौसम की चपेट में आ गए। अधिकारियों ने बताया कि 31 अक्टूबर को सूचना मिलने के तुरंत बाद बचाव प्रयास शुरू कर दिए गए थे। हालांकि, क्षेत्र में लगातार खराब मौसम और हेलीकॉप्टर की व्यवस्था में आई व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण बचाव कार्य में थोड़ा विलंब हुआ। बिना प्रशासनिक परमिट के पहुंचे थे 'अपर डोल्पा' DSP गिरी ने खुलासा किया कि ये भारतीय पर्यटक आवश्यक प्रशासनिक अनुमति पत्र (परमिट) लिए बिना ही 'अपर डोल्पा' (Upper Dolpa) के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गए थे। नियमानुसार, जिले के ऊपरी हिस्सों में स्थित प्रतिबंधित क्षेत्रों (restricted areas) का दौरा करने वाले विदेशी नागरिकों को ट्रेकिंग परमिट जारी करने की जिम्मेदारी नेपाल के आव्रजन (इमीग्रेशन) विभाग की होती है। चक्रवात 'अरनब' और मौसम विभाग की चेतावनी को किया नजरअंदाज स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, पर्यटकों को इस क्षेत्र में यात्रा न करने की सख्त चेतावनी दी गई थी, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान 'अरनब' (Cyclone Arnab) के कारण मौसम के अत्यधिक खराब होने की आशंका थी। उल्लेखनीय है कि 27 अक्टूबर को नेपाल के इमीग्रेशन विभाग ने भारी बर्फबारी, बर्फीले तूफान और हिमस्खलन (avalanches) के खतरे को देखते हुए 29 से 31 अक्टूबर तक ऊपरी डोल्पा और ऊपरी मुस्तांग क्षेत्रों के लिए परमिट जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी थी। इसके साथ ही आम लोगों से भी इस अवधि के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई थी।