अरुंधति रॉय और नसीरुद्दीन शाह की प्रदर्शनकारियों से अपील, भूख हड़ताल खत्म कर लंबे संघर्ष के लिए रहें तैयार
देश की कई प्रमुख हस्तियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों से अपना अनशन समाप्त करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का भी पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है। सोमवार को जारी एक संयुक्त बयान में प्रसिद्ध लेखिका अरुंधति रॉय, वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह और अर्थशास्त्री जयति घोष समेत कई प्रतिष्ठित नागरिकों ने कहा कि वे सरकार के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए प्रदर्शनकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। हालांकि, उन्होंने प्रदर्शनकारियों की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति पर गहरी चिंता भी जताई। बयान में कहा गया कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों ने देशभर के छात्रों और युवाओं के लिए जिस दृढ़ संकल्प, साहस और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। संयुक्त बयान में प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया गया कि वे आने वाले लंबे और कठिन संघर्ष को ध्यान में रखते हुए अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने पर विचार करें। हस्तियों ने कहा कि यह संघर्ष 100 मीटर की दौड़ नहीं बल्कि एक मैराथन की तरह है, इसलिए आने वाले समय में आंदोलन को उनकी ऊर्जा, नेतृत्व और सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता होगी। बयान में यह आशंका भी व्यक्त की गई कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों के प्रति कथित रूप से उदासीन बनी रहती है, तो भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की सेहत और अधिक खराब हो सकती है। हस्तियों ने कहा कि उनकी पहले से ही नाजुक स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए इस जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यह अपील ऐसे समय में सामने आई है जब जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है और शिक्षाविद एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का 16वां दिन है। आयोजकों के अनुसार, अनशन शुरू करने के बाद से अब तक सोनम वांगचुक का वजन 8.2 किलोग्राम कम हो चुका है। उनके ताजा स्वास्थ्य आंकड़ों के मुताबिक उनका रक्तचाप 107/70 mmHg और रक्त शर्करा का स्तर 67 mg/dL दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ता दीपक की तबीयत अधिक बिगड़ने के बाद सोमवार को उन्हें राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया। संयुक्त बयान के माध्यम से दिल्ली के लोगों से भी 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP द्वारा निकाले जाने वाले संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है। इस संयुक्त बयान पर अरुंधति रॉय, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह और जयति घोष के अलावा शिक्षाविद अनुराधा चेनॉय, निवेदिता मेनन, तनिका सरकार, आदित्य निगम, फिल्मकार संजय काक, सामाजिक कार्यकर्ता ललिता रामदास, कविता श्रीवास्तव, मधु भूषण और अरुंधति घोष सहित कई अन्य प्रमुख हस्तियों ने हस्ताक्षर किए हैं। गौरतलब है कि 'नीट' (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन जारी है। सोनम वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तभी से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
Posted By: Daily Suraj Bureau