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पंजाब बंद का असर: फरीदकोट में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में छात्र नेताओं पर मामला दर्ज

17 Oct, 2026 08:48 AM

फरीदकोट। हाल ही में सूबे भर में बुलाए गए 'पंजाब बंद' के दौरान सरकारी होर्डिंग्स और फ्लेक्स बोर्ड फाड़कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोप में फरीदकोट पुलिस ने एक प्रमुख छात्र यूनियन नेता समेत तीन व्यक्तियों और कई अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह बंद मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के दिन-दहाड़े हुए नृशंस कतिल के विरोध में आहूत किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार यह एफआईआर 16 अक्टूबर 2026 को देर रात 10:45 बजे पुलिस गश्त और खुफिया सूचनाओं के आधार पर दर्ज की गई है। घटना की जगह शहर का प्रसिद्ध किल्ला मुबारक चौक बताई गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 324(4) (नुकसान पहुँचाने वाली शरारत) और 'पंजाब प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी एक्ट, 2014' की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले के शिकायतकर्ता और जाँच अधिकारी ए.एस.आई. परविंदर सिंह हैं। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में तीन व्यक्तियों को नामजद किया गया है, जिनमें नौनिहाल सिंह (निवासी दीप सिंह वाला), हरवीर कौर गंधड़ (जिला प्रधान, पंजाब स्टूडेंट यूनियन - PSU, फरीदकोट) और सुखदीप सिंह भाना (निवासी फरीदकोट) शामिल हैं। गौरतलब है कि 13 अक्टूबर को मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद किसान संगठनों, छात्र धड़ों और सामाजिक-धार्मिक संगठनों की संयुक्त एक्शन कमेटी के आह्वान पर 15 अक्टूबर को पूरे पंजाब में बंद रखा गया था। प्रदर्शनकारी न्याय, सीबीआई जाँच और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे थे। ए.एस.आई. परविंदर सिंह के अनुसार जब पुलिस पार्टी किल्ला मुबारक चौक पर गश्त कर रही थी, तो मुखबिर ने इत्तला दी कि प्रदर्शनकारियों ने शहर में लगे सरकारी होर्डिंग्स को जानबूझकर नुकसान पहुँचाया है। दूसरी ओर, स्थानीय छात्र और कार्यकर्ता संगठनों ने इस पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने और शांतिपूर्ण रोष प्रदर्शनों को कुचलने की सरकारी कार्रवाई करार दिया है।

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