रामपुरा फूल का कांसल परिवार संकट में: 800 एकड़ जमीन सिर्फ 1 रुपये की लीज पर, अब मंडरा रहा खतरा
सीबीआई के शिकंजे में फंसे पंजाब के रामपुरा फूल के कांसल परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सीबीआई जांच के दायरे में आने के बाद अब हिमाचल प्रदेश में उनकी कंपनी 'एसएमपीपी एम्युनिशन प्राइवेट लिमिटेड' को अलॉट की गई 800 एकड़ जमीन पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जब हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार थी, तब 4 अक्टूबर 2022 को इस कंपनी को जिला सोलन के नालागढ़ में 95 साल के लिए मात्र 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर वार्षिक की दर से जमीन लीज पर दी गई थी। हालांकि, करीब चार साल बीत जाने के बाद भी कंपनी अभी तक अपना औद्योगिक यूनिट शुरू नहीं कर पाई है। इस कंपनी सहित अन्य को जमीन अलॉट किए जाने के मामले पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भी 27 अगस्त 2025 को काफी हंगामा हुआ था। हिमाचल प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने बहुत कम कीमत पर दी गई इस लीज को राज्य की संपत्ति की लूट करार दिया था। इस कंपनी को इस जमीन पर तोपखाने के गोला-बारूद के उत्पादन से संबंधित कारखाना लगाना था और इसके लिए करीब तीन हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया जाना था। तत्कालीन हिमाचल सरकार द्वारा कस्टमाइज्ड पैकेज नीति के तहत निवेशकों को 95 साल के लिए 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर की नाममात्र दर पर जमीन देने के अलावा स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस, ऊर्जा खर्च और पावर ड्यूटी से भी भारी छूट दी गई थी। अब जबकि रामपुरा फूल के कांसल परिवार की यह कंपनी सीबीआई के जाल में फंस चुकी है, तो हिमाचल प्रदेश में अलॉट की गई इस जमीन का भविष्य भी अधर में लटकता नजर आ रहा है। इसके अलावा चर्चा है कि केंद्रीय रक्षा मंत्रालय 'डिफेंस प्रोक्योरमेंट मैनुअल 2025' के नियमों के तहत कंपनी के साथ लेन-देन पर अस्थायी रोक या प्रतिबंध लगा सकता है, जिससे कंपनी भविष्य में रक्षा मंत्रालय के टेंडर के लिए अयोग्य हो सकती है। बता दें कि सीबीआई ने नई दिल्ली में 12 अक्टूबर को म्यूनीशंस इंडिया लिमिटेड (MIL) पुणे के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार और 'मेसर्स एसएमपीपी लिमिटेड कंपनी' के डायरेक्टर/प्रमोटर आशीष कांसल सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आशीष कांसल की कंपनी के तार 500 करोड़ रुपये के गोला-बारूद के सौदे से जुड़े रिश्वत कांड से जुड़े हैं। कांसल परिवार की यह कंपनी ड्रोन तकनीक और गोला-बारूद के निर्माण का कार्य करती है।